दर्द

बुरा नहीं है दर्द का होना | कविता | विकास नैनवाल 'अंजान'

बुरा नहीं है
दर्द का होना,
दिलाता है यह
अहसास
के तुम ज़िंदा हो,
के है कुछ तो गलत,
के है सुधार की उम्मीद,
के काम करना है तुम्हे,
के बदल रहा है कुछ

बुरा नहीं है
दर्द का होना,
क्योंकि जब करोगे,
तुम इसके कारणों पर काम,
तो बनोगे तुम बेहतर,
इनसान,

बुरा नहीं है
दर्द का होना,
तो छुपाओ मत
इसे,
बस करो इसका
उपचार

© विकास नैनवाल ‘अंजान’

About विकास नैनवाल 'अंजान'

मैं एक लेखक और अनुवादक हूँ। फिलहाल हरियाणा के गुरुग्राम में रहत हूँ। मैं अधिकतर हिंदी में लिखता हूँ और अंग्रेजी पुस्तकों का हिंदी अनुवाद भी करता हूँ। मेरी पहली कहानी 'कुर्सीधार' उत्तरांचल पत्रिका में 2018 में प्रकाशित हुई थी। मैं मूलतः उत्तराखंड के पौड़ी नाम के कस्बे के रहने वाला हूँ। दुईबात इंटरनेट में मौजूद मेरा एक अपना छोटा सा कोना है जहाँ आप मेरी रचनाओं को पढ़ सकते हैं और मेरी प्रकाशित होने वाली रचनाओं के विषय में जान सकते हैं।

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0 Comments on “दर्द”

  1. बुरा नहीं है
    दर्द का होना,
    क्योंकि जब करोगे,
    तुम इसके कारणों पर काम,
    तो बनोगे तुम बेहतर,
    इनसान,
    कमाल की सोच और उम्दा लेखनी …., अति सुन्दर !!

  2. बढ़िया….
    दर्द इंसान को इंसान होना करता है..दर्द तुम में उतर कर तुम्हे खुद के करीब लाता है ..
    "कुछ दर्द अच्छे होते है"
    ☺️

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