# दुई बात > किस बात की जल्दी है तू ठहर जरा, बैठ चाय पीते हैं दो बातें करते हैं ## Posts - [पुस्तक अंश: लिखी जा रही किताब का अध्याय 'क्या भूत होते हैं?' | अनु](https://duibaat.com/book-excerpt-kya-bhoot-hote-hain/): काफी समय से कुछ लिखने की कोशिश कर रहा हूँ। धीमे धीमे ही लिखना हो रहा है। अब तक तीन-चार चैप्टर हो चुके हैं। पहला चैप्टर शायद 2023 में लिखा था। फिर छूट ही गया। अब् जब मौका लगता है उसमें कुछ जोड़ता रहता हूँ। सोचा उस लिखाई का ही एक अध्याय यहाँ साझा करूँ। पेश है क्या भूत होते हैं? - [बुक हॉल: नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026](https://duibaat.com/book-haul-new-delhi-world-book-fair-2026/): नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला जनवरी 10 से 18 के बीच भारत मंडपम में आयोजित हुआ। इस मेले में कुछ पुस्तकें खरीदी। इन्हीं पुस्तकों की जानकारी यहाँ दे रहा हूँ। - [पहली सी वो अब मुलाकात कहाँ](https://duibaat.com/pahli-si-ab-wo-mulakat-kahan/): आज कल लिखना काफी कम हो गया है। कुछ दिनों से मन में कुछ खदबदा रहा था। आज इस रूप में बाहर आया है। आप भी पढ़ें - [तुम क्या समझोगे](https://duibaat.com/tum-kya-samjhoge-vikas-nainwal-anjaan/): इस रचना की बात की जाए तो इस रचना की शुरुआत तब हुई थी जब 23 मई 2025 को ये अपना कॉमिक्स ग्रुप नामक व्हाट्सएप ग्रुप में ये बतकही के दौरान लिखी थी। उस समय ग़ज़ल के मकता (आखिरी शेर) से मैं संतुष्ट नहीं था। - [अप्रैल में पढ़ी रचनाएँ और की गयी खरीद](https://duibaat.com/books-read-and-brought-in-april-2025/): माहवार पढ़ी गयी और खरीदी गयी किताबों के ऊपर पहले दो अलग अलग पोस्ट बनाता था। पर अब से सोचा है कि एक ही पोस्ट में ये कार्य कर दूँगा। अप्रैल 2025 में क्या पढ़ा और क्या खरीदा चलिए जानते हैं। - [अपडेट: शॉपिज़न की संवादरहित कहानी प्रतियोगिता में विजेता हुई 'चुप्पी'](https://duibaat.com/update-shopizen-samvad-rahit-pratiyogita/): यहाँ अपडेट देने के मामले में मैं आलसी सा हूँ। चीजें हो जाती हैं लेकिन अब तब करके चीजें टालता रहता हूँ। चूँकि दिसंबर शुरू हो चुका है तो सोचा इस साल के अपडेट इसी माह दे दिए जाएँ। इस साल वैसे भी लेखन के सिलसिले में ज्यादा कुछ नहीं है। शॉपिज़न संवादरहित कहानी प्रतियोगिता मई में हुई थी जिसकी आखिरी तारीख बाद में बढ़ाकर जून कर दी गयी। इसका परिणाम जब जुलाई में आया तो मेरे लिए सुखद अहसास लेकर आया। इस प्रतियोगिता में मेरी भेजी गयी कथा ‘चुप्पी’ को प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ। यह मेरी दूसरी कहानी है […] - [बुक हॉल: परिवार वाली दीवाली और दीवाली की खरीद](https://duibaat.com/family-wali-diwali-and-diwali-book-haul/): इस बार दीवाली बहुत अच्छी मनी। इसके दो कारण थे। पहला कारण तो ये ही कि घर वाले सब साथ थे और दूसरा कारण कि काफी किताबें भी संग्रह में जुड़ीं। - [वेद प्रकाश कांबोज: सहज, सरल और शालीन](https://duibaat.com/ved-prakash-kamboj-sahaj-saral-aur-shaleen/): लेखक वेद प्रकाश कांबोज लोकप्रिय साहित्य के मजबूत स्तम्भ थे। 6 नवंबर को उनका निधन हो गया। वह 85 वर्ष के थे। अपने जीवन काल में उन्होंने 450 से ऊपर उपन्यास लिखे और अपने किरदारों और उपन्यासों के माध्यमों से कई पाठकों का न केवल मनोरंजन किया बल्कि उनके दिल में एक स्थान भी पाया। व्हाट्सएप पर मैंने भी एक समूह में अपने विचार लिखे थे। फिर वो लिखने के बाद लगा कि कुछ रह गया है जो कहना था जो कहा नहीं गया है। तो उस लेख के साथ जो बाकी के विचार हैं उन्हें यहाँ साझा कर रहा […] - [मेरे पाँच पसंदीदा हिन्दी कॉमेडी धारावाहिक](https://duibaat.com/my-favourite-five-hindi-comedy-serials/): मुझे हँसी मजाक बहुत पसंद है और इस कारण ऐसे धारावाहिक भी काफी पसंद आते हैं जिनमें भरपूर कॉमेडी होती है। कामकाज की थकान के बाद कुछ लम्हे फुरसत के मिले और उनमें आपको भरपूर हँसने का मौका मिल जाए तो पूरे दिन की थकान गायब हो जाती है। - [बारिश के मौसम से जुड़ी कुछ स्मृतियाँ](https://duibaat.com/some-memorable-rainy-season-memories/): बारिश का मौसम चल रहा है। जबसे वर्क फ्रॉम होम चल रहा है तब से बारिश में कहीं आना जाना रुक गया है। बारिश होती है तो अक्सर घर पर ही रहते हैं। पर बारिश थमने के बाद जब निकलते हैं तो गुरुग्राम में तो गलियों और सड़कों में भरा पानी आपका इंतजार करता ही दिखता है। वर्क फ्रॉम होम में इस गलियों में भरे पानी से बचना मुश्किल है। दुकान में रोजमर्रे के जीवन से जुड़ी चीजों को लाते समय सच में बारिश से कोफ्त होती है और कभी कभी लगता है कि बारिश के साथ जो रूमानियत या खूबसूरती जुड़ी है क्या वो यहाँ रहते हुए खो सी गयी है। पर जब भी ऐसा सोचता हूँ तो यादों के पिटारे से बारिश से जुड़ी कुछ ऐसी स्मृतियाँ निकल आती हैं जो मुस्कुराने पर विवश कर देती हैं। ऐसी यादें जिनको जीकर ज़िंदगी की खूबसूरती बढ़ गयी थी। - [बुक हॉल: जुलाई 2024 में आई पुस्तकें](https://duibaat.com/july-2024-book-haul/): वैसे तो मैंने जून में इतनी खरीद की थी कि सोचा था कि अब कुछ और नहीं खरीदूँगा लेकिन फिर न न करते हुए भी खुद को रोक नहीं पाया और जुलाई के अंत तक आते आते काफी किताबें जुटा लीं। - [जून 2024 बुक हॉल](https://duibaat.com/june-2024-book-haul/): जून 2024 में काफी कुछ खरीदा गया। यह खरीद राजकमल के ऑनलाइन पुस्तक मेला 2024 और अमेज़न से मुख्यतः की गयी। चलिए देखते हैं जून में मैंने कौन कौन सी किताबें खरीदीं। - [यक्ष प्रश्न 2024](https://duibaat.com/yaksha-prashna-2024/): गहन वन में भटकते पथिक का प्यास के मारे बुरा हाल था। कई घंटों से वह भटक रहा था। अब उसका गला सूखने लगा था। ऐसे लगने लगा था जैसे वहाँ काँटे उग आए हों। जीभ रबड़ समान मोटी सी लगने लगी थी। होंठ पर पपड़ी जम गयी थी। कदमों को घिसटते घिसटते वो बढ़ा जा रहा था। रास्ता ऊबड़ खाबड़ था। कहाँ कदम रख रहा था इसका उसे होश नहीं था। ऐसे ही अर्ध बेहोशी की हालत में वह बढ़ता चला रहा था कि अचानक उसके कानों में बहते पानी की आवाज सी आयी। वह ठिठक सा गया। उसने […] - [अप्रेल मई 2024 में पढ़ी गयी रचनाएँ](https://duibaat.com/what-i-read-in-april-may-2024/): आजकल महीने में पढ़ी गई रचनाओं के विषय में लिखना बंद सा हो गया था। अब फिर से शुरू करने का मन है। वैसे भी बिना किताबों की बात किए मेरा खाना भी तो नहीं पचता है। हा हा… तो चलिए आपको बताता हूँ कि अप्रैल-मई 2024 में क्या क्या पढ़ना हुआ है? अप्रैल अप्रैल की बात की जाए तो मैंने अप्रेल के महीने में कॉमिक बुक्स ही अधिक पढ़ी थी। इसके पीछे के कारण भी था। अप्रेल में मैं ब्लॉगचैटर की A 2 Z में भाग ले रहा था जिसमें भाग लेने वाले व्यक्ति को अप्रैल में 26 पोस्ट्स […] - [संस्मरण पौड़ी के: 'इसको तो खाना नहीं दूँगा'](https://duibaat.com/memory-how-i-started-eating-aaloo-palak/): बचपन में जब पॉपआई को पालक खाकर ब्लूटो को मारते हुए देखता तो मन में ये आता था कि पॉपआई पालक की जगह गोभी, मटर, या बैंगन खा लेता तो उसका क्या बिगड़ जाता। मुझे पॉपआई पसंद था और ये उस समय की बात है जब मुझे पालक पसंद नहीं आता था। मैं यही सोचता था कि कोई एक डिब्बा पालक खा कैसे सकता है और फिर चलो किसी तरह निगल भी ले तो फिर किसी से लड़ने लायक स्थिति में कैसे रह सकता है? ये विचार मेरे बाल मन को काफी परेशान करता और फिर मन के भंवर में […] - [संस्मरण: प्याज की सब्जी और दो पपीते](https://duibaat.com/memories-of-pyaz-ki-sabzi-and-papaya/): यह कबकी बात है ये तो ठीक तरह से याद नहीं। मैं तो बब्बू भैया छोटे छोटे ही थे। मैं शायद चौथी पाँचवीं में रहा हूँ और भैया शायद दसवीं में रहे होंगे। या हो सकता है हम दोनों ही किसी और कक्षा में रहे होंगे। हम पौड़ी रहते थे और हमारा पैतृक गाँव नैल वहाँ सत्तर अस्सी किलोमीटर से दूर है। गाँव पहुँचने के लिए दो रास्ते थे। पर दोनों रास्ते ऐसे थे कि जहाँ पर बस छोड़ती थी वहाँ से गाँव वाले घर पहुँचने के लिए काफी चलना पड़ता था। लगभग पाँच छह किलोमीटर या अधिक भी हो […] - [ये पहाड़ी खाना है मेरे दिल के करीब](https://duibaat.com/this-pahari-cuisine-is-my-favourite/): भारत विवधताओं का देश है और यह चीज यहाँ रहने वाले लोगों के चेहरे मोहरे, भाषा-बोली, कपड़ों के साथ साथ खाने पीने पर भी लागू होती है। मैं मूलतः उत्तराखंड के गढ़वाल से आता हूँ और हमारे यहाँ भी काफी ऐसी चीजें बनती हैं जो कि मुझे खानी पसंद हैं। हो सकता है ये चीजें दूसरी जगहों में भी बनती हों लेकिन चूँकि इतनी मेनस्ट्रीम नहीं होती हैं तो पता नहीं लगता है। चलिए देखते हैं ये चीजें कौन सी हैं कफ़ली पालक का सीजन आता है तो कफ़ली खाने का मन करने लगता है। पालक को बॉइल करके बनाया […] - [वो चीजें जिनकी शक्ल पसंद आने के कारण मैंने उन्हें काफी टाइम तक नहीं खाया](https://duibaat.com/things-that-i-didn-t-eat-because-i-didnt-like-how-they-looked/): मुझे व्यक्तिगत तौर पर लगता है चीजों का स्वादिष्ट होने के साथ साथ अच्छा दिखना भी जरूरी होता है। कई बार चीजें होती तो अच्छी हैं लेकिन वो दिखती ऐसी हैं उनको खाने का मन ही नहीं होता। यह अच्छा दिखना भी व्यक्ति व्यक्ति पर निर्भर कर सकता है। मुझे आपका तो नहीं पता लेकिन मेरे जिंदगी में कुछ चीजें ऐसी रही हैं जिनको मैंने काफी समय तक इसलिए नहीं खाया क्योंकि मुझे वो जैसी दिखती थी वो पसंद नहीं था। इन चीजों में से अधिकतर चीजें तो मैंने काफी पहले खानी शुरू कर दी थी लेकिन एक चीज आज […] - [रोटी, पराठे और बचपन](https://duibaat.com/how-i-used-to-eat-roti-and-paratha-during-my-childhood/): भारतीय घरों की बात की जाए तो खाने में रोटी का एक महत्वपूर्ण स्थान है। नाश्ता हो, दिन का खाना या फिर रात का खाना। अधिकतर घरों में रोटी बनने की संभावना अधिक रहती है। पर मैं अपनी बात करूँ तो मुझे बचपन से ही रोटी इतनी पसंद नहीं रही है। पराठे रोटी से बेहतर लगते हैं और पूरियाँ पराठों से बेहतर। पर असल में चावल वो चीज है जो मैं तीनों टाइम बिना किसी शिकायत के खा सकता हूँ। सच बताऊँ तो पता नहीं क्यों रोटी हो या पराठे या पूरियाँ, इन्हें खाकर पेट तो भरता लेकिन तृप्ति का […] - [बुक लवर | लघु-कथा | विकास नैनवाल 'अंजान'](https://duibaat.com/book-lover-micro-fiction-vikas-nainwal-anjaan/): कुछ देर के लिए फोन साइड में रखकर वह एक तरफ को बैठ गया। पर मन था कि फोन की तरफ ही लगातार जा रहा था। उसने अपना हाथ फोन की तरफ बढ़ाया और फिर खींच लिया। फिर उसने अपनी बगल में रखी किताब उठाई और खोल कर उस पृष्ठ पर पहुँच गया जो पिछले आधे घंटे से खुला था। उसने किताब का एक सफ़हा पढ़ा और दूसरे पर पहुँचा। पढ़ते पढ़ते वह ठिठक गया। उसने उस सफहे पर दर्ज लिखाई को दो चार बार पढ़ा। लेखक ने जिस तरह उस बात को लिखा था वो उसके मन को भा […] - [BlogChatter A2Z 2024: W से वेब कॉमिक्स](https://duibaat.com/some-web-comics-resources/): वेब कॉमिक्स उन कॉमिकों को कहा जाता है जो कि वेबसाईट या किसी एप पर प्रकाशित होती हैं। जहाँ कॉमिक बुक्स के प्रिन्ट संस्करण महँगे होते वहीं यह वेब कॉमिस अक्सर फ्री होते हैं या बहुत कम शुल्क के साथ इन्हें पढ़ा जा सकता है। यह कॉमिक या तो पोर्टल्स पर प्रकाशित होती हैं या फिर किसी एप में प्रकाशित होती हैं। आर्टिस्ट अपनी वेबसाईट पर भी इन्हें प्रकाशित कर सकता है। अक्सर यह कॉमिक बुक कुछ पैनल तक ही सीमित रहती हैं या आर्टिस्ट को जब टाइम मिलता है वह इसे अपडेट करते रहते हैं। लेकिन कहा जाता है […] - [Blogchatter A2Z 2024: U से अंकल कॉमिक बुक्स के](https://duibaat.com/famous-uncles-of-comic-books/): बचपन से लेकर बड़े होने तक हमारे जीवन में कोई न कोई ऐसे चाचा मामा या ताऊ होते हैं जो कि हमारे काफी नजदीक होते हैं। यह एक ऐसे व्यक्ति होते हैं जो कि अभिभावक के साथ साथ दोस्त का किरदार भी समय समय पर निभाते हैं। जिन चीजों को हम अपने पिता के साथ झिझक के कारण साझा नहीं कर सकते हैं वह इनके साथ करते हैं और साथ साथ ये हमारे ऊपर लाड़ भी लुटाते हैं। भारतीय कॉमिक बुक में भी ऐसे अंकलों की भरमार रही है जो कि या तो नायक रहे हैं या फिर नायकों के […] - [Blogchatter A2Z 2024: Q से Questions](https://duibaat.com/some-questions-related-to-comic-book-publication/):   अगर कॉमिक बुक के स्वर्ण युग की बात की जाए तो यह 80 से 2000 तक का समय स्वर्ण युग की कहा जायेगा। यह वह वक्त था जब लगातार कॉमिक बुक आ रही थीं। कई प्रकाशक भी इस क्षेत्र में आ रहे थे।  माहवार सेट आया करते थे। वहीं कॉमिक बुक की बिक्री भी हजारों में होती थी।  इसके बनिस्पत आज के वक्त की बात की जाए तो शायद ही कोई प्रकाशक होगा जो माहवार किताबें प्रकाशित कर रहे होंगे। किताबें अकसर चार छह महीने या साल भर के अंतराल के बाद आती हैं। कई प्रकाशकों द्वारा अपनी दुकान […] - [नए प्रकाशक कॉमिक बुकों के](https://duibaat.com/new-publishers-of-comics/):   भारतीय कॉमिक बुक के विषय में सोचें  तो 90 के दशक के बच्चों के मन में कुछ ही नाम आते हैं। जहाँ तक मुझे लगता है इन नामों में राज कॉमिक्स, डायमंड कॉमिक्स, तुलसी कॉमिक्स, मनोज कॉमिक्स, अमर चित्र कथा ही शामिल होंगे। इनमें से राज कॉमिक्स, डायमंड कॉमिक्स और अमर चित्रकथा ही ऐसे कॉमिक बुक हैं जो अब तक सक्रिय हैं जिनके नए कॉमिक बुक आ रहे हैं। बाकी अधिकतर या तो बंद हो चुके हैं या फिर कोई और प्रकाशक उनके रीप्रिन्ट निकाल रहा है। खैर, इन मुख्य कॉमिक बुक प्रकाशकों की बात की जाए तो इनके […] - [मेरी पहली कॉमिक बुक खरीद](https://duibaat.com/my-first-comic-book-purchase/):   कॉमिक बुक की बातें चली हैं तो पहली कॉमिक बुक खरीद की बात करनी भी बनती है।  उन दिनों हमारे घर में सिलेब्स से इतर किताबें खरीदने के लिए पैसे अक्सर नहीं दिए जाते थे। मुझे हमेशा से ही कहानियाँ पढ़ने का शौक रहा है और काफी वर्षों तक मैं इसे कुछ अलग तरीकों से पूरा किया करता रहा था। पहला तरीका तो यह था कि मैं जब अपने चचेरे ममेरे भाइयों के यहाँ जाता था तो उनकी हिंदी और अंग्रेजी विषयों की किताबें पढ़ा करता था। उसमें कहानियाँ होती थी जो पढ़ना मुझे पसंद आता था। दूसरा तरीका […] - [Blogchatter A2Z 2024: जंबू](https://duibaat.com/jambu/):   लोकप्रिय साहित्य के अगर आप प्रशंसक रहे हैं तो ऐसा होना मुश्किल है कि आप वेद प्रकाश शर्मा से वाकिफ न रहे हों। वेद प्रकाश शर्मा एक समय में हिंदी लोकप्रिय उपन्यासकारों में सबसे लोकप्रिय उपन्यासकार थे। उनकी लोकप्रियता का डंका बजा करता था और लोग हाथों हाथ उनके उपन्यासों को ले लिया करते थे। यही कारण था कि उन्होंने अपना प्रकाशन तुलसी पॉकेट बुक्स खोला था। 80 के दशक में जब सब लोग कॉमिक बुक्स की तरफ बढ़ रहे थे तो उन्होंने भी कॉमिक बुक प्रकाशन की तरफ कदम रखा और तुलसी कॉमिक बुक्स का निर्माण किया। इस […] - [ब्लॉग चैटर : आई से इन्द्र और इंस्पेक्टर स्टील](https://duibaat.com/indra-aur-inspector-steel/): विज्ञान ने मनुष्यों को काफी कुछ दिया है। विज्ञान के बदौलत मनुष्य का  न केवल जीवन सरल हुआ है बल्कि साथ साथ इसके मनुष्य की क्षमता का भी विस्तार हुआ है। अब विज्ञान की खोजों के बदौलत मनुष्य पल भर में सामने बैठे लोगों से बात कर पाता है, दूर दराज में बैठे लोगों को अपने यंत्र पर देख पाता है और ऐसे कई कामों को जिन्हें उसके पूर्वज कई दिनों में करते थे उन्हें कुछ दिनों में या घंटों में कर पाता है।  विज्ञान के ही बदौलत मनुष्य ने ऐसे कई यंत्रों का निर्माण किया है जो कि मनुष्य […] - [BlogChatter A2Z 2024: G से गमराज](https://duibaat.com/gamraj-a-hero-we-all-need/):   आज के युग में जब अत्यधिक संवेदनशील होने को एक तरह की कमजोरी माना जाता है वहीं ये सराहनीय बात है कि राज कॉमिक्स द्वारा 90 के दशक में एक ऐसा किरदार लेकर आया गया था जो कि अपनी संवेदनशीलता के कारण ही जाना जाता था। यह किरदार था गमराज जिसका पहला कॉमिक बुक ‘गमराज’ किंग कॉमिक्स में 1995 में प्रकाशित हुआ था। गमराज की बात करें तो वह  मृत्यु के देवता यमराज का पुत्र है जिसका दिल बड़ा कोमल है और लोगों के गम को वो अपना गम समझ लेता है। यह गमराज की संवेदनशीलता ही है कि […] - [BlogChatter A2Z 2024: F से फिल्मों से कॉमिक बुक](https://duibaat.com/blogchattera-2-z-2024-from-films-to-comic-books/): फिल्मों के प्रचार के लिए उसके निर्माता कई तरह के माध्यम अपनाते रहते हैं। फिल्म के स्टार अखबारों में  इंटरव्यू देने जाते हैं, अलग अलग चैनलों में इंटरव्यू देने जाते, शहर में होने वाले इवेंट्स में जाते हैं और विज्ञापन इत्यादि के जरिए प्रचार करते हैं। इन्हीं तरीकों में कॉमिक बुक भी एक तरीका है जिसके माध्यम से फिल्म वाले अपनी फिल्म और अपने किरदारों का प्रमोशन करते आए हैं। समय समय पर कई फिल्में ऐसी आयी हैं जिनके साथ उनके कॉमिक बुक निकलते हैं। उन फिल्मों में शामिल कलाकारों के चेहरे मोहरे पर अक्सर ऐसी कॉमिक बुक्स के किरदार […] - [Blogchatter A2Z 2024: E से एक अनोखी सजा](https://duibaat.com/memory-of-a-comic-book-ek-anokhi-saja/): ब्लॉगचेटर के A2 Z में मैं E तक बिना किसी गड़बड़ के पहुँच गया था। अब एक ऐसा लेख लिखना था जिसके शीर्षक में E हो। सच बताऊँ तो शीर्षक में E वाले किसी लेख के विषय में सोचते सोचते मेरा दिमाग थोड़ा सा भन्ना गया था। वैसे तो कई भारतीय कॉमिक बुक किरदार हैं जिनका नाम Eसे आता है जैसे कि भेड़िया का एक विलेन एलेफांटो लेकिन उसके विषय में लिखना एक तरह से खानापूर्ति ही होती। ऐसा नहीं है कि इस चैलेंज में मैं किरदारों के बारे में नहीं लिखूँगा लेकिन वो खाली लिखने के लिए लिखना नहीं होगा। […] - [BlogchatterA2Z 2024: D से ड्रैकुला](https://duibaat.com/dracula-in-indian-comics/): ब्रैम स्टॉकर ने जब ड्रैकुला लिखी होगी तो उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं रहा होगा कि उनका लिखा किरदार इतना प्रसिद्ध हो जाएगा। ड्रैकुला जनमानस में उसी तरह रक्त पिशाच का पर्याय बन गया है जैसे कभी डालडा वनस्पति का और कोलगेट टूथपेस्ट का भारतीय जनमानस में बन गया था। इस किरदार ने न केवल फिल्मी दुनिया में अपना कमाल दिखाया बल्कि  कॉमिक बुक्स पर भी अपना प्रभाव छोड़ा था। भारतीय हिंदी कॉमिक बुक्स भी इसके प्रभाव से अछूती नहीं रही थी। कई भारतीय कॉमिक बुक प्रकाशकों  हुए हैं जिन्होंने ड्रैकुला का प्रयोग अपने अपने कॉमिक बुक्स में […] - [Blogchatter A2Z 2024: C से क्रुकबॉन्ड](https://duibaat.com/crookbond-details/): जैसा कि मैं पहले भी बता चुका हूँ कि मुझे कॉमिक बुक्स में रहस्य कथाएँ पढ़ना अच्छा लगता है। लेकिन यह भी सच है भारतीय कॉमिक बुक्स में ऐसे नायक कम ही हुए हैं जो कि पूरी तरह से जासूस या डिटेक्टिव हों। फिर भी एक नायक जिसका नाम ध्यान में आता है वो है क्रुकबॉन्ड। लेकिन इसे पढ़ने का मौका मुझे उतना नहीं मिल पाया। सही बताऊँ तो मेरे गृहनगर में कॉमिक बुक्स की मौजूदगी कम ही रहती थी। अक्सर उधर राज कॉमिक ही आया करती थीं। ऐसे में अन्य प्रकाशकों की कॉमिक बुक्स पढ़ पाना मेरे लिए थोड़ा […] - [Blogchatter A2Z 2024: B से बाँकेलाल और बहादुर](https://duibaat.com/blogchattera-2-z-2024-b-for-bahadur-and-bankelal/): कहते हैं हँसना सेहत के लिए लाभदायक होता है। वैज्ञानिकों ने भी इस बात को माना है और यही कारण है कि लोग अच्छी सेहत पाने के लिए पार्क में बिना बात के भी ठहाके लगाते दिख जाते हैं। मुस्कराने की यही चाहत ही शायद हम मनुष्यों को ऐसी चीजों के प्रति आकर्षित करती है जो हमें हँसा सके। यही चीज कॉमिक बुक्स पर भी लागू होती है। वैसे तो कॉमिक बुक में मेरा पसंदीदा विषय रहस्य या हॉरर रहता है लेकिन हास्य कॉमिक बुक्स के प्रति मैं हमेशा से ही आकर्षित होता रहा हूँ। हिंदी कॉमिक बुक्स की बात […] - [BlogChatter A 2 Z 2024 - 'A' से आधिरा मोही](https://duibaat.com/blogchattera2z-a-for-adhira-mohi/): भारतीय कॉमिक बुक्स (हिंदी और आंग्ल भाषा) की बात की जाए तो इसमें महिलाओं को केंद्र में  रख कर या यूँ कहें नायिकाओं को लेकर लिखी गई चित्रकथाएँ कम ही पढ़ने को मिलती हैं। राज कॉमिक्स शक्ति को लेकर जरूर आए थे लेकिन शक्ति को कभी ध्रुव, नागराज, डोगा जितनी प्रसिद्धि नहीं मिल पाई। ऐसे में कॉमिक बुक्स की दुनिया में नायिकाओं की कमी खलती ही है। जबकि मैं अपनी बात करूँ तो मुझे बैडएस लड़कियों को लेकर लिखी गई कहानियाँ बेहद पसंद आती हैं। जैसे कॉलेज के टाइम पर केट बेकिनसेल की अंडरवर्ल्ड सीरीज काफी पसंद थी, एंजेलिना की […] - [बसपन का प्यार थीं ये टॉफियाँ](https://duibaat.com/some-memories-of-childhood/): कई  बार कुछ चीजें ऐसी हो जाती हैं कि आपको अपने बचपन की याद दिला देती हैं या उसके विषय में सोचने पर मजबूर कर देती हैं। अब हाल ही की बात ले लें। हमारे कॉमिक बुक्स से संबंधित  एक व्हाट्सएप ग्रुप में एक सदस्य , शुभम भाई ने, अपनी पसंदीदा टॉफी का जिक्र किया तो उसने बचपन की कई ऐसी टॉफियों की याद मन में ला दी जिनको पाने की इच्छा से हम उन दिनों मरे से जाते थे। बस इसी फिराक में रहते थे कि कहीं से एक दो रुपये मिले या फिर कोई रिश्तेदार आये और हमें […] - [Blogchatter A to Z 2024: Theme Reveal](https://duibaat.com/blogchatter-a-2-z-2024-theme-reveal/):   मार्च खत्म होने को है। होली आ रही है और उसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है। पहले तो होली की हार्दिक शुभकामनाएँ । उम्मीद है आपका जीवन भी खुशियों से रंगीन होगा।  होली से इतर उत्सुकता का एक कारण मेरे लिए अप्रैल में होने वाला ‘A 2 Z’ (Blogchatter A 2 Z) चैलेंज भी है। इस चैलेंज के तहत ब्लॉगर्स को पूरे अप्रैल में 26 पोस्ट लिखनी होती हैं। इसमें पहले दिन जो पोस्ट होगी उसमें अंग्रेजी का अक्षर A होना जरूरी होता है और ऐसे ही बढ़ते हुए 26 वें दिन पर अंग्रेजी के अक्षर Z पर पोस्ट […] - [जनवरी 2024: पढ़ने का लेखा जोखा](https://duibaat.com/january-2024-reads/): जनवरी की बात की जाए तो जनवरी में सात रचनाएँ पढ़ी गईं। इन रचनाओं में एक कॉमिक बुक, एक बाल उपन्यास, दो  रचना संग्रह और तीन उपन्यास मौजूद थे। जनवरी में पढ़ी गई रचनाओं की बात करी जाए तो हॉरर की इसमें अधिकता रही। इस विषय की तीन रचनाएँ पढ़ी गईं। इसके अतिरिक्त तीन रचनाएँ अपराध कथा केंद्रित थीं। भाषा की बात की जाए तो सात में से पाँच पुस्तकें हिन्दी में थीं और दो पुस्तकें अंग्रेजी भाषा की थीं। चलिए अब देखते हैं कि यह रचनाएँ कौन कौन सी थीं? जनवरी 2024: पढने का लेखा जोखा कच्छामैन  बेसरा कॉमिक्स […] - [दिसंबर 2023: पढ़ने का लेखा जोखा](https://duibaat.com/monthly-wrap-up-december-2023/): दिसंबर 2023 में पढ़ी रचनाएँ देखते ही देखते ही 2024 का जनवरी भी खत्म हो गया। जनवरी में सोचा था कि दिसंबर में जो पढ़ा है उसके विषय में लिखा जाए पर फिर सोचते सोचते ही समय निकल गया और ज्यादा कुछ लिखना नहीं हुआ। अब चूँकि जनवरी खत्म हो चुका है और उसके विषय में लिखना है तो दिसंबर और जनवरी दोनों के विषय में इसी पोस्ट में लिखना बेहतर होता पर वो पोस्ट बहुत लंबी हो जाती। इसलिए इस पोस्ट में केवल दिसंबर में पढ़ी गई रचनाओं के विषय में बात करते हैं।  दिसंबर 2023 की बात करें तो दिसंबर में […] - [संस्मरण: मिलना जीत सिंह से](https://duibaat.com/memoir-meeting-jeet-singh-for-the-first-time/):  ‘दुबई गैंग’ लेखक सुरेंद्र मोहन पाठक द्वारा रचित जीत सिंह शृंखला का बारहवाँ उपन्यास है। यह उपन्यास जल्द ही साहित्य विमर्श प्रकाशन द्वारा प्रकाशित होगा। पेश है जीत सिंह मेरी पहली मुलाकात का संस्मरण।  हो सकता है सुरेंद्र मोहन पाठक के दूसरे पाठकों को उनके अन्य किरदार पसंद आए हो लेकिन मेरे लिए जीत सिंह सभी किरदारों से अलग स्थान और अहम स्थान रखता है। इसका अपना कारण भी है।  जीत सिंह की कोलाबा कॉन्सपिरेसी ही वह उपन्यास था जिससे मेरा उनकी लेखनी से परिचय हुआ था और फिर मैंने उनकी मार्केट में मौजूद में हर पुस्तक को ढूंढ ढूंढकर […] - [बारिश - विकास नैनवाल 'अंजान' | कहानी](https://duibaat.com/barish-short-story-vikas-nainwal-anjaan/): यह कहानी 2021 में भावांकुर पत्रिका में प्रकाशित हुई थी। कहानी के विषय में उस वक्त मैंने यहीं पर कहानी की कहानी: बारिश नामक लेख में लिखा था। हाल में ही देखा कि पत्रिका की वेबसाईट में कुछ दिक्कत है और वहाँ कुछ नहीं चल रहा है तो सोचा उस कहानी को अपनी वेबसाईट पर जगह दे दूँ।  उम्मीद है यह कहानी आपको पसंद आएगी। पढ़कर अपनी राय जरूर दीजिएगा।  ***** मूसलाधार बारिश थी कि रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी। आसमान पर बादल छाये हुए थे जिनके कारण दिन में ही अँधेरा होने लगा था। मैं ऑफिस […] - [नवंबर 2023: पढ़ने का लेखा जोखा](https://duibaat.com/monthly-reads-november-2023/): नवंबर 2023: पढ़ने का लेखा जोखा आजकल मेरा भारी भरकम गंभीर साहित्य पढ़ने का मन नहीं करता है तो हल्का फुल्का साहित्य ही पढ़ रहा हूँ। बाल साहित्य, किशोर साहित्य, कॉमिक बुक्स, अपराध साहित्य और हॉरर इत्यादि ही पढ़ा जा रहा है। यही चीज नवंबर में पढ़ी रचनाओं में दृष्टिगोचर होती है। नवंबर की बात की जाए तो इस बार 10 रचनाएँ पढ़ीं। इन रचनाओं में चार उपन्यास, दो लघु उपन्यास संकलन , दो कॉमिक बुक, एक उपन्यासिका और तहकीकात पत्रिका का एक अंक शामिल था। सभी रचनाएँ इस बार हिंदी की ही थीं। चलिए ज्यादा देर न करते हूए […] - [अक्टूबर 2023: बुक हॉल #2 - नोएडा पुस्तक मेले से ली गईं](https://duibaat.com/october-2023-book-haul-2-books-brought-from-noida-book-fair/):    अक्टूबर 2023 की खरीद  अक्टूबर में की किताबों की खरीद की  बात की जाए तो किताबें ऑनलाइन मँगवाई गई और साथ ही बुक फेयर से ली गईं। ऐसे में 31 किताबें इस महीने संग्रह में जुड़ीं।  बुक हॉल से जुड़ी पिछली पोस्ट में मैंने ऑनलाइन खरीदी पुस्तकों के विषय में बताया। अब इस पोस्ट में उन पुस्तकों के विषय में बताता हूँ कि जो नोएडा पुस्तक मेले से मेरे संग्रह में जुड़ीं। बुक फेयर से ली गई किताबों के विषय में मैंने बुक फेयर वाली पोस्ट में केवल सूची ही दी थी। लिखा जानबूझ कर नहीं था क्योंकि सोचा था […] - ['द स्टोरी हाउस' पत्रिका आई दो दो खुश खबरें लायी](https://duibaat.com/the-story-house-magazine-and-two-good-news/): ‘द स्टोरी हाउस’ नाम की पत्रिका की शुरुआत हाल ही में हुई है। पत्रिका में हिंदी और अंग्रेजी में कहानी, लेख,साक्षात्कार इत्यादि प्रकाशित होते हैं। जहाँ पत्रिकाएँ बंद हो रही हैं वहीं ऐसी पहल सराहनीय है। ‘द स्टोरी हाउस’ का पहला अंक आया तो दो खुशखबरी लेकर आया। सोचा इधर भी इन खबरों को साझा करना चाहिए। जब पत्रिका का अंक आ रहा था तो मेरे मित्र राघव भाई ने मुझे उसके विषय में सूचित करते हुए कहा था कि अगर मेरे पास कोई कहानी हो तो मैं उसे उधर भेज दूँ। अगर पत्रिका से जुड़े लोगों को वह पसंद […] - [अक्टूबर 2023: बुक हॉल #1 - ऑनलाइन खरीदी गईं](https://duibaat.com/october-2023-book-haul-1-online-purchase/): अक्टूबर 2023 की खरीद  अक्टूबर में की किताबों की खरीद की  बात की जाए तो किताबें ऑनलाइन मँगवाई गई और साथ ही बुक फेयर से ली गईं। ऐसे में 31 किताबें इस महीने संग्रह में जुड़ीं।  चूँकि किताबें अधिक हैं तो सोचा है कि दो पोस्ट्स में इनके विषय में बताऊँगा। पहले ऑनलाइन खरीदी पुस्तकों के विषय में बताता हूँ।  इस माह केवल अमेज़न से ही पुस्तकें मँगवाई गईं। अच्छे दाम में अमेज़न में पुस्तकें दिख जाती हैं तो लेने से खुद को रोक नहीं पाता हूँ। हालाँकि ये पता रहता है कि पढ़ना काफी देर में होगा। इस बार […] - [अक्टूबर 2023: पढ़ने का लेखा जोखा](https://duibaat.com/october-2023-reads/): अक्टूबर 2023 की बात की जाए तो पढ़ने के मामले में यह माह अच्छा बीता। 11 रचनाएँ इस माह पढ़ीं। इन रचनाओं में एक पत्रिका, एक बाल उपन्यास, एक किशोर उपन्यास, दो कहानियाँ, एक उपन्यासिका और चार उपन्यास शामिल थे। उपन्यासों में एक उपन्यास व्यंग्य उपन्यास था, एक अपराध साहित्य, एक पारलौकिक तत्वों वाली रोमांचकथा और एक असल किरदार पर आधारित उपन्यास पढ़ा गया। यानी पढ़ने के मामले में काफी विवधता रही। बस कथेतर रचनाएँ कम थीं तो इसका मलाल रहा।    अक्टूबर 2023: क्या पढ़ा? अक्टूबर 2023 में पढ़ी गई रचनाएँ  तहकीकात 4  माह की पहली रचना नीलम जासूस […] - [रैबार | कहानी | विकास नैनवाल 'अंजान'](https://duibaat.com/raibaar-hindi-story-by-vikas-nainwal/): 'रैबार' विकास नैनवाल द्वारा लिखी एक हिंदी कहानी है। कहानी में पारलौकिक तत्वों का प्रयोग किया गया है। - [अनुभव: चौथा नोएडा पुस्तक मेला](https://duibaat.com/experience-of-noida-book-fair-2023/): पुस्तक मेले की खबर मिलती है तो मैं उत्साहित होने से खुद को नहीं रोक पाता हूँ। पाठक के तौर उधर जाना मतलब दोस्तों से मिलना जुलना हो जाता है। कई दोस्तों से जिनसे व्यस्तता के चलते मिलना नहीं हो पाता है उनसे भी मिलना हो जाता है। साथ में पुस्तकों की खरीद तो होती है।  - [एक मुलाकात लेखक मनोहर चमोली जी से](https://duibaat.com/a-meeting-with-author-manu-chamoli/): हाल में ही पौड़ी अपने गृह कस्बे जाना हुआ तो लेखक मनोहर चमोली से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। लेखक मनोहर चमोली गढ़वाल के जाने माने लेखक हैं और बाल साहित्य के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं।  वह न केवल लेखन कर रहे हैं बल्कि बच्चों की साहित्य में रुचि बढ़ाने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं। नैशनल बुक ट्रस्ट, एकतारा प्रकाशन  जैसी संस्थाओं से उनकी पुस्तकें आई हैं। वह पेशे से शिक्षक हैं और शिक्षण में आने से पहले पत्रकारिता में भी हाथ आजमा चुके हैं। वह काफी वर्षों से पौड़ी में ही है लेकिन यह […] - [सितंबर 2023 - बुक हॉल](https://duibaat.com/book-haul-september-2023/): वैसे तो किताबें अक्सर ही घर में आती रहती हैं लेकिन किसी किसी महीने ये तादाद इतनी अधिक हो जाती है कि इन्हें यहाँ साझा करने का मन  हो ही जाता है।  महीने में मँगवाई किताबों के विषय में पहले भी यदा कदा पोस्ट करता रहता हूँ। लेकिन फिर जब मुझे लगने लगता है कि यहाँ उसके सिवा कुछ और पोस्ट नहीं हो रहा तो पोस्ट करना छोड़ देता हूँ। अब एक ही तरह के विषय पर लिखना मुझे भी उकता देता है तो आपको तो उकताएगा ही। पर इस बार काफी दिनों से पोस्ट नहीं किया था तो सोचा […] - [किताबें क्यों पढ़नी चाहिए?](https://duibaat.com/why-should-we-read-books/):   आम दिनों में मेरी मेज मेरा अनुभव रहा है कि अक्सर जब किसी से प्रश्न पूछा जाता है कि किताबें क्यों पढ़नी चाहिए तो जवाब आता है क्योंकि वो ज्ञान का भंडार होती हैं। लेकिन सच कहूँ मुझे यह जवाब अधूरा लगता है और थोड़ा स्वार्थी भी। व्यक्तिगत तौर पर मुझे लगता है किताब किसी दोस्त की तरह होती हैं। आपको कुछ दे जाती हैं, आपसे कुछ ले जाती हैं, आपको थोड़ा बनाती हैं, कभी आपको थोड़ा बिगाड़ती भी हैं। वह अच्छे दोस्त की तरह आपका मनोरंजन भी करती हैं और कभी जिंदगी जीने का सलीका भी सिखा जाती […] - [3 habits to prove that i'm a xerox copy of my parents](https://duibaat.com/3-habits-to-prove-that-im-xerox-copy-of/): Image by chiplanay from Pixabay BlogChatter’s Half Marathon is going on and this time i also wanted to write on some of the prompts that have been provided by the team. But, when I saw the title ‘3 habits to prove you are a xerox copy of your parents’ in the prompts I couldn’t help but chuckle. The thing is if I would have been asked the opposite ie My habits that make me the opposite of my parents then it would have been an easy thing for me to write. I would have had many points to write about and […] - [हाइकु #5](https://duibaat.com/hindi-haiku-by-vikas-nainwal/):  हिंदी हाइकु के विषय में काफी जगह देखा और जो परिभाषा समक्ष आई उससे ज्ञात हुआ कि हिंदी हाइकु 17 अक्षरों और तीन पंक्तियों में लिखी जाने वाली कविता है।  इसकी पहली पंक्ति में 5 अक्षर, दूसरी पंक्ति में 7 अक्षर और तीसरी पंक्ति में 5 अक्षर होते हैं। इसी परिभाषा को ध्यान में रखकर इन हाइकुओं को लिखने की कोशिश की है। उम्मीद है आपको पसंद आएगी।  अगर कहीं कोई सुधार की आवश्यकता आपको दिखती है तो कमेंट्स में उसका उल्लेख जरूर कीजिएगा।  हिंदी हाइकु परिभाषा: हिंदी हाइकु विकिपीडिया , हिंदी हाइकु पोषमपा जगह पौड़ी गढ़वाल, दिनांक: 29/08/2023 (1) तुम्हारा आनाझाँकना अभ्र […] - [सलाह | लघु-कथा | विकास नैनवाल](https://duibaat.com/salaah-laghu-katha-vikas-nainwal/): रघुवीर जब चाय की टपरी पर पहुँचा तो उसकी पेशानी पर बल आए हुए थे। आखिर रघुबीर परेशान क्यों था? जानने के लिए पढ़िये लघु-कथा 'सलाह'। - [एक साक्षात्कार](https://duibaat.com/my-interview-on-author-alok-kumar-s-channel/): आलोक कुमार पेशे से इंजीनियर हैं लेकिन पैशन से लेखक और अनुवादक हैं। उन्होंने ‘आओ बच्चों तुम्हें सुनाएँ’, ‘मिशन टू मार्स’, ‘द चिरकुटस’ जैसी रचनाएँ लिखी हैं और जर्नी टू द सेंटर ऑफ द अर्थ, दौलत का खेल (जेम्स हेडली चेज के उपन्यास ‘यू आर डेड विदाउट मनी’) जैसे अनुवाद किए हैं। तीन वर्ष पहले उनके यूट्यूब चैनल पर एक पाठक के तौर पर तचीत करने का मौका मिला था। इस बातचीत में उन्होंने काफी अच्छे प्रश्न पूछे थे जिनका जवाब देने में मज़ा आया था। हाँ, चूँकि पहला साक्षत्कार था तो शायद नर्वसनेस में काफी बोल लिया था। मुझे ये भी […] - [अपडेट: सूरज पॉकेट बुक्स से मेरे द्वारा अनूदित दूसरा उपन्यास हुआ प्रकाशित](https://duibaat.com/update-publication-of-my-second-translation/): यहाँ पर चीजों को अपडेट करने के मामले में मैं थोड़ा लेट लतीफ़ हूँ। यही कारण है कि वैसे तो मेरा दूसरा अनुवाद सूरज पॉकेट बुक्स से जनवरी में प्रकाशित हो गया था लेकिन अब तक इधर उसे अपडेट नहीं कर पाया था। पहले सोचा था जनवरी में रिलीज होते ही इधर अपडेट दे दूँगा लेकिन फिर किसी कारणवश ये काम टलता ही रहा। फिर जब कुछ महीने गुजर गए तो सोचा कि अब समय ले ही लेते हैं। वैसे भी धीरे धीरे पाठकों की राय आ ही रही थीं तो सोचा देख लेते हैं छः महीने रुक कर।  अब […] - [हाइकु #4](https://duibaat.com/hindi-haiku-by-vikas-nainwal-anjaan/): Image by brigachtal from Pixabay कल (8/7/2023) घर से निकला तो बारिश होकर थमी थी। किसी काम से बाहर जाना पड़ा तो मन में कुछ पंक्तियाँ आ गईं। बहुत दिनों से हाइकु विधा में कुछ लिखा नहीं था लेकीन इस बार जो पंक्तियाँ आईं वो इसी विधा में थी। इससे पहले एक हाइकु जून में लिखी थी तो उसे भी इधर ही आखिर में दिया है।    हाइकु क्या है इसके विषय में लोगों के अपने अपने मत हैं। हिंदी हाइकु के बारे में एक परिभाषा जो मिलती है वो है: हाइकु कविता तीन पंक्तियों में लिखी जाती है। हिंदी […] - [अपडेट: तहकीकात का चौथा अंक और एक कहानी](https://duibaat.com/tehkikat-4-and-a-story/): फीचर इमेज के विषय में: बरसात में पौड़ी का एक दृश्य। यह दृश्य कंडोलिया जाने के रास्ते का है। कहानी में कंडोलिया का जिक्र है। नीलम जासूस कार्यालय (Neelam Jasoos Karyaylay) द्वारा प्रकाशित पत्रिका ‘तहकीकात’ (Tehkikat) का चौथा अंक इस जून में जल्द ही रिलीज होने वाला है। इसके लिए ऑर्डर्स उन्होंने लेने शुरू कर दिए हैं। मुझे बताते हुए बड़ी खुशी हो रही है कि इस बार मेरी एक रचना ‘आखिरी किश्त’ भी इसमें प्रकाशित हो रही है। इससे पूर्व मेरे द्वारा किये गए अनुवाद पत्रिका में प्रकाशित हो चुके हैं लेकिन यह पहली बार है कि मेरी लिखी […] - [नेह से भीगी हुई एक मुलाकात](https://duibaat.com/a-short-meeting-with-yogesh-mittal/): सोशल मीडिया की दुनिया को आभासी दुनिया कहा जाता है लेकिन इस आभासी दुनिया ने मुझे कई ऐसे लोगों से भी मिलाया है जिनसे अगर मैं न मिलता तो शायद मेरा जीवन इतना समृद्ध न हो पाता जितना अब हुआ है। कई ऐसे लोगों से मिलना हुआ जिनसे शायद मैं अपनी अंतर्मुखी स्वभाव के कारण कभी मिल न पाता।  ऐसे लोगो का स्नेह प्राप्त हुआ जिनके सानिध्य में काफी कुछ सीखा है और काफी कुछ सीखना अभी बाकी है। ऐसे व्यक्तियों की सूची तो बहुत बड़ी है और आज की यह पोस्ट एक ऐसे ही शख्स के विषय में हैं […] - [The woman | Microfiction](https://duibaat.com/the-woman-microfiction/): I rarely write in English. I think this is my first peice in English in Duibaat and i hope it wouldn’t be the last. This short piece came as result of prompt that was shared on facebook by my facebook friend Mr Sushant Singhal. He teaches english via youtube and keeps sharing such prompts. He had posted the prompt The woman with the baby in her arms…. and then had asked to complete it and let the imagination fly. I took his words for it and came out with piece. I hope you’d like it. ***** Image by PDPics from Pixabay The […] - [नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2023](https://duibaat.com/ndwbf-2023-meeting-people-buying-books/): नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2023 फरवरी 25 से मार्च 5 2023 तक चला था। इस पोस्ट में मैं इस पुस्तक मेले के अनुभव आपके साथ साझा करूँगा। - [वर्ष 2022: क्या पढ़ा, वर्ष 2023: क्या पढ़ने वाले हैं](https://duibaat.com/reading-in-2022-and-tbr-for-2023/):   वर्ष 2022 गुजर चुका है और वर्ष 2023 को आए हुए काफी समय भी बीत चुका है। यह पोस्ट भी वर्ष 2022 की समाप्ति पर ही आ जानी चाहिए थी लेकिन जो कारण मैंने पिछली पोस्ट में दिया था वही कारण इस पोस्ट में देरी होने का भी है। खैर, अब ज्यादा देर न लगाते हुए सीधे मुद्दे पर आते हैं। 2022 कैसा रहा यह वर्ष? 2022 की बात की जाए तो इस वर्ष मैंने 109 रचनाएँ पढ़ीं। इन रचनाओं में भाषा के हिसाब से देखा जाए तो नौ रचनाएँ अंग्रेजी की थीं और बाकी सब निन्यानवे हिंदी की रचनाएँ […] - [2022 लेखा जोखा](https://duibaat.com/2022-how-it-went/): जनवरी गुजर गया और फरवरी का दूसरा हफ्ता भी गुजरने वाला है और मैं सोचता ही रह गया। आजकल मेरे साथ ऐसा होता जा रहा है। जब बात ब्लॉग की आती है तो सोचता ज्यादा हूँ होता कम ही है। पिछले काफी समय से दुईबात पर आना नहीं हो पा रहा है। व्यस्तताएँ इतनी बढ़ गई हैं और फिर सच पूछिए तो विषय भी मिलने बंद से हो गए हैं। पहले तो लिखूँ क्या यही सोचता रह जाता हूँ। फिर भूले भटके कोई विषय सूझता भी है तो  सोचता हूँ कि उस पर लिखूँगा और कुछ पंक्तियाँ लिखता भी हूँ […] - [अपडेट: तहकीकात का तीसरा अंक और एक और अनुवाद](https://duibaat.com/update-tehkikat-3-and-a-translation/): तहकीकात का तीसरा अंक प्रकाशित हो चुका है। जब पत्रिकाएँ धीरे-धीरे बंद हो रही हैं और लोकप्रिय लेखन से जुड़ी पत्रिकाएँ समाप्त ही चुकी हैं ऐसे वक्त में नीलम जासूस कार्यालय द्वारा प्रकाशित तहकीकात हम लोकप्रिय लेखन के शैदाइयों के लिए एक खुशी की बात है। तहकीकात की एक खास बात यह भी है कि इसमें केवल लोकप्रिय साहित्य ही प्रकाशित नहीं किया जाता है। इसमें सत्यबोध परिशिष्ट के अंदर साहित्यिक रचनाएँ जिसमें गजलें, कविताएँ, कहानी, व्यंग्य, समीक्षाएँ इत्यादि शामिल होते हैं। ऐसे में तहकीकात हर तरह के पाठकों के लिए कुछ न कुछ समेटे हुए है। इस पत्रिका का […] - [अपडेट: जाता हुआ नवंबर और एक किताबी अपडेट](https://duibaat.com/end-of-november-and-an-update/): नवंबर का महीना समाप्ति की ओर अग्रसर है। अब तो एक ही दिन बचा है। माहौल में अब थोड़ी ठंड व्याप्त हो चुकी है। पेड़ों से पत्ते गिरने लगे हैं। गुड़गाँव की बात करें तो कल पहली बार हुआ कि रात में मुझे पंखा बंद करना पड़ा। ये मेरे लिए अच्छी बात है क्योंकि मुझे तो ठंड का मौसम बहुत पसंद है। फिर गुरुग्राम में प्रदूषण का स्तर भी थोड़ा बहुत कम होने लगा है।  लेकिन ये पोस्ट मैंने ठंड का गुणगान करने और प्रदूषण की चर्चा के लिये नहीं की है। यह पोस्ट तो एक ऐसी भूमिका के विषय […] - [गाँव चलूँगा...! | हिंदी कविता | योगेश मित्तल](https://duibaat.com/ganv-chaloonga-hindi-poem-by-yogesh-mittal/): वरिष्ठ लेखक योगेश मित्तल की पहली कविता व कहानी 1964 में कलकत्ता के सन्मार्ग में प्रकाशित हुई थी। तब से लेकर आजतक वह लेखन क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। कविता, संस्मरण, लेख इत्यादि नियमित रूप से लिखते रहते हैं। लोकप्रिय साहित्य भी उन्होंने कई छद्दम नामों से लिखा है। हाल ही में लोकप्रिय साहित्य पर उनकी लिखी पुस्तकें प्रेत लेखन का नंगा सच और वेद प्रकाश शर्मा: यादें, बातें और अनकहे किस्से पाठकों को काफी पसंद आई हैं। (पुस्तकों के नाम पर क्लिक करके पुस्तकों को खरीदा जा सकता है।) अब  वह अपनी रचनाएँ फेसबुक,ब्लॉग इत्यादि पर लिखते रहते हैं। आज […] - [साहित्य विमर्श प्रकाशन रचनाएँ आमंत्रित करता है](https://duibaat.com/sahitya-vimarsh-prakashan-calls-for-submission/): हॉरर और फंतासी हिंदी की ऐसी विधाएं रही हैं जिन पर कम ही काम होता दिखता है। साहित्य विमर्श प्रकाशन में हमारा मकसद पाठको के समक्ष हर तरह का साहित्य लाना रहा है। इसी क्रम में साहित्य विमर्श प्रकाशन  उपन्यासिका संकलन के लिए हॉरर और फंतासी विधा की रचनाएँ आमंत्रित करता है।  रचना भेजने के नियम इस प्रकार हैं:   शब्द सीमा: 10 हजार से 15 हजार शब्द भाषा: हिंदी / अंग्रेजी एक संकलन में चार रचनाएँ ही शामिल होंगी फंतासी और हॉरर रचनाओं का संकलन अलग-अलग बनेगा प्रकाशन के पास आई रचनाओं में से संपादक मंडल द्वारा सर्वश्रेष्ठ रचनाओं को चुना […] - [बुक हॉल मई 2022: मई के माह में जुड़ी यह पुस्तकें](https://duibaat.com/book-haul-may-2022/): Book Haul May 2022 | मई 2022 में आई किताबें वैसे तो जून को गुजरे भी वक्त हो गया लेकिन मई में ली गई किताबों के विषय में लिखना रह गया था तो अब वह लिख रहा हूँ।  मई के माह में जुड़ी किताबों की बात करूँ तो बारह किताबें मई के माह में आई। वैसे चार और किताबें इस माह मँगवाई थी लेकिन तकनीकी तौर पर वह जून में घर में आई तो उन्हें जून के संग्रह में दिखाऊँगा। खैर, इन बारह किताबों में से चार कॉमिक बुक्स हैं, एक संस्मरणों की किताब है और बाकी सात उपन्यास हैं। […] - [मई 2022 में पढ़ी गई किताबें](https://duibaat.com/books-read-in-may-2022/): 2022 के मई माह में मैंने पाँच कॉमिक बुक्स, चार उपन्यास और एक उपन्यासिका संग्रह पढ़ी। भाषा के हिसाब से देखा जाए तो इस बार केवल हिंदी की ही रचनाएँ मैंने पढ़ीं। - [आई छुट्टी - आई छुट्टी | हिन्दी कविता | विकास नैनवाल 'अंजान'](https://duibaat.com/aai-chhutti-aai-chhutti-hindi-poem-vikas-nainwal-anjaan-hindi-poem/): गर्मियाँ  शुरू हो चुकी हैं और इस वक्त बच्चों की छुट्टियाँ भी पड़ चुकी हैं। चूँकि ये छुट्टियाँ परीक्षाओं के बाद आती हैं तो एक अलग तरह का उत्साह बच्चों में देखने को मिलता है। अपने उन्हीं दिनों को याद करते हुए यह पंक्तियाँ लिखी हैं। उम्मीद है पसंद आएगी।  - [रहस्यमय खबरी | तहकीकात पत्रिका में जनवरी 2022 में प्रकाशित](https://duibaat.com/hindi-translation-of-a-burglars-ghost/): रहस्यमय खबरी' A Burglar's Ghost  नाम की कहानी का हिन्दी अनुवाद है। यह कहानी डब्ल्यू बॉब हॉलैंड द्वारा सम्पादित किताब ट्वेंटी फाइव घोस्ट स्टोरीज में मौजूद थी। - [बुक हॉल अप्रैल 2022 #3: बाली शृंखला तथा अन्य पुस्तकें](https://duibaat.com/book-haul-april-2022-3/): अप्रैल 2022 में आई किताबों के विषय में अब तक दो पोस्ट्स (बुक हॉल अप्रैल 2022 #1, बुक हॉल अप्रैल 2022 #2) लिख चुका हूँ। अब यह अप्रैल माह में मँगवाई गई पुस्तकों की आखिरी खेप है। अप्रैल में कुछ किताबें तो मैंने मँगवाई थी लेकिन कुछ मुझे उपहार स्वरूप भी मिली थी। इस खेप में मैं उन पुस्तकों के विषय में ही बात करूँगा जो कि उपहार स्वरूप मुझे लेखकों द्वारा दी गई थीं। तो ज्यादा देर न करते हुए आइये जानते है कि अप्रैल में आई और पुस्तकें कौन सी थीं। खरीदी हुई पुस्तके व्हिसपर्स वोवन इन राइम्स […] - [बुक हॉल अप्रैल 2022 #2: कुछ किताबें हिन्द युग्म कीं और फिक्शन कॉमिक्स का सेट](https://duibaat.com/april-book-haul-2/):   बुक हॉल अप्रैल 2022 #2: कुछ किताबें हिन्द युग्म कीं और फिक्शन कॉमिक्स का सेट पिछली पोस्ट मैं मैंने बताया कि कैसे कुछ ऐसी किताबें मेरे पास अप्रैल में पहुँची जो कि मैंने नवंबर में ऑर्डर की थी। पर अप्रैल 2022 में मेरे पास आने वाली सभी पुस्तकें ऐसी नहीं थी। अप्रैल में मेरे पास किताबें मुख्यतः तीन खेपों में पहुँची। ऐसे में यही सही रहेगा कि मैं इन खेपों के विषय में आपको बतलाऊँ। वैसे इस बार खास बात ये थी कि यह सभी किताबें अप्रैल के आखिर के दो हफ्तों में ही आई थीं।  तो चलिए ज्यादा […] - [मार्च-अप्रैल 2022 में पढ़ी गई किताबें](https://duibaat.com/books-read-in-april-2022/): अप्रैल के महीने में मैं मनुष्य से पहले शृंखला लिखने में और कुछ व्यक्तिगत कार्यों ही व्यस्त रहा और इस करण मार्च माह में पढ़ी हुई किताबों के विषय में नहीं लिख पाया। चूँकि अप्रैल में पढ़ना भी कम ही हुआ तो सोचा कि एक ही पोस्ट में मार्च और अप्रैल में पढ़ी गई किताबों के विषय में लिखा जाए।  मार्च 2022 में पढ़ी गई किताबें मार्च में पढ़ी हुई किताबों के विषय में बात करूँ तो मार्च में कुल आठ ही रचनाएँ मैंने पढ़ीं। इन आठ रचनाओं में से पाँच उपन्यास थे, एक बाल उपन्यासिका थी और दो कॉमिक बुक्स […] - [बुक हॉल अप्रैल 2022 #1: एक पुरानी खरीद जो अप्रैल में जाकर आई](https://duibaat.com/book-haul-children-fiction-set/):   कहते हैं जब जब जो जो होना होता है तब तब वो वो होता ही है। ऐसा ही कुछ मेरे साथ कुछ दिनों पहले हुआ। हुआ यूँ कि जब नवंबर 2021 में साहित्य विमर्श प्रकाशन ने अपना बाल/किशोर पाठक सेट लॉन्च किया था तो मैंने उसे मँगवा लिया था और वह अब अप्रैल 2022 को मेरे पास पहुँचा है।  वैसे तो मैं साहित्य विमर्श प्रकाशन से व्यक्तिगत तौर पर जुड़ा हुआ हूँ और पाँच पुस्तकों के इस सेट में से तीन पुस्तकों के साथ व्यक्तिगत तौर पर किसी न किसी तरह (सम्पादन में, प्रूफ करने में या रचना को […] - [मनुष्य से पहले: Z से Zhongjianichthys, Zalambdalestes, Zhongornis](https://duibaat.com/before-humans-walked-on-earth-z-for-zhongjianichthys-zalambdalestes-zhongornis/):   मनुष्य से पहले शृंखला में अब तक मैं काफी ऐसे जीवों के विषय में बता चुका हूँ जो मनुष्य से पहले इस धरती पर विचरण करते थे। यह जीव जमीन, पानी और आकाश में पाये जाते थे और आज पाये जाने वाले जीवों से बहुत ज्यादा खतरनाक भी होते थे। अब हम इस शृंखला की आखिरी कड़ी में पहुँच चुके हैं।  आज इस शृंखला की आखिरी कड़ी के रूप में मैं आपको ऐसे तीन जानवरों के विषय में बताऊँगा जो कि मनुष्यों से पहले धरती पर रहा करते थे। पिछली पोस्ट में मैंने आपको एक डायनोसॉर के विषय में […] - [मनुष्य से पहले: Y से Yutyrannus](https://duibaat.com/before-humans-walked-on-earth-y-for-yutyrannus/):   पिछली पोस्ट में हमने समुद्र में रहने वाली एक शिकारी मछली के विषय में जाना था लेकिन इस पोस्ट में मैं आपको वापिस जमीन पर ले आता हूँ और आपका परिचय एक डायनासॉर की प्रजाति से करवाता हूँ। यह डायनासॉर यूटीरेनस (Yutyrannus) यानी पंखों वाला अत्याचारी कहलाया गया है। तो चलिए मिलते हैं इस पंखों वाले अत्याचारी से।  क्या थे यूटीरेनस (Yutyrannus)? एक कलाकार की कल्पना में यूटीरेनस, स्रोत: kidadl यूटीरेनस (Yutyrannus) प्रोसेराटोसॉरिड टायरेनोसॉरिड (proceratosaurid tyrannosauroid) प्रजाति के डायनोसॉर थे जिनकी एक ही प्रजाति यूटीरेनस हुआली (Yutyrannus Huali) का ही अब तक पता लग पाया है। इस नाम में जहाँ यू […] - [मनुष्यों से पहले: X से Xiphactinus](https://duibaat.com/before-humans-walked-on-earth-x-for-xiphactinus/):   मनुष्यों से पहले शृंखला में मैंने पिछली बार आपको विवैक्सिया (Wiwaxia) नामक जीव से आपकी मुलाकात कारवाई थी जो कि समुद्र तल में कभी रहा करता था। आज भी मैं आपको एक ऐसे जीव के विषय में बताऊँगा जो कि पानी में ही रहा करता था। यह एक मछली थी जिसे ज़िफैक्टिनस (Xiphactinus) कहा जाता था। ज़िफैक्टिनस (Xiphactinus) के विषय में जानने से पहले आइये जरा ज़िफैक्टिनस (Xiphactinus) के दर्शन कर लें: शिकार के पीछे ज़िफैक्टिनस स्रोत: प्रीहिस्टॉरिक अर्थ तो ऐसे दिखते थे ज़िफैक्टिनस महराज। आइये जानते हैं कि यह क्या थे, कब थे और कब चले गए।  क्या थे ज़िफैक्टिनस (Xiphactinus)? ज़िफैक्टिनस (Xiphactinus) एक […] - [मनुष्य से पहले: W से Wiwaxia](https://duibaat.com/before-humans-walked-on-earth-w-for-wiwaxia/):   पिछली पोस्ट में हमने वुलकानोडोन नाम के एक डायनोसॉर के विषय में जाना था। इस पोस्ट में हम एक ऐसे जीव के विषय में जानेंगे जो कि समंदर में रहता था और बहुत ही छोटा हुआ करता था। तो आइये जानते हैं उस जीव के विषय में जिसे विवैक्सिया (Wiwaxia) कहा जाता है।  क्या होते थे विवैक्सिया (Wiwaxia)? विवैक्सिया का जीवाश्म, स्रोत: डायनोपीडिया  विवैक्सिया (Wiwaxia) कोमल शरीर वाले जीव थे जिनका शरीर कार्बन के बने शल्क या काँटों से ढँका रहता था। यह छोटे आकार के जीव होते थे जो कि वयस्क होने पर लगभग 2 इंच लंबे होते थे। […] - [मनुष्य से पहले: V से Vulcanodon](https://duibaat.com/manushya-se-pahle-v-for-vulcanodon/):   पिछली पोस्ट में मैंने आपको यूटारैप्टर के विषय में बताया है। आज मैं आपको वुलकानोडोन के विषय में बताऊँगा। तो ज्यादा वक्त न जाया करते हुए वुलकानोडोन (Vulcanodon) के विषय में जानते हैं।   क्या हैं वुलकानोडोन (Vulcanodon)? वुलकानोडोन एक कलाकार की कल्पना में, स्रोत: विकिपीडिया वुलकानोडोन (Vulcanodon) सॉरोपोड प्रजाति के जीव थे। यह सबसे शुरुआती सॉरोपोडों में से एक हैं।  अगर बाकी सॉरोपोडों से इनकी तुलना करें तो यह जीव काफी छोटे आकार थे। अन्य सॉरोपोड के समान ही यह जीव भी समूहों में रहा करते थे।  यह जीव 36 फीट लंबा होता था और वजन की बात की जाए […] - [मनुष्य से पहले: U से Utahraptor](https://duibaat.com/before-humans-walked-on-earth-u-for-utahraptor/):   पिछली पोस्ट में हमने टायलोसॉरस के विषय में पढ़ा था। वैसे तो आज की पोस्ट कल यानी सोमवार को आनी थी लेकिन किन्हीं कारणों के चलते मैं सोमवार को कुछ लिख नहीं पाया और इसलिए अभी इस पोस्ट को लिख रहा हूँ। आज की पोस्ट में हम मनुष्यों के धरती में आने से पहले पाए जाने वाले जीव यूटारैप्टर के विषय में जानेंगे।  क्या थे यूटारैप्टर? स्रोत: विकिपीडिया यूटारैप्टर, जिसका अर्थ ‘यूटा का शिकारी’ या ‘यूटा का चोर’ होता है, ड्रोमेओसॉरिड प्रजाति के डायनासॉर थे। यह भारी बदन वाले जमीन में रहने वाले जीव थे। यूटारैप्टर ड्रोमेओसॉरिड प्रजाति के सबसे […] - [मंजिल](https://duibaat.com/manjil-a-hindi-poem/): एक छोटी सी कविता - [मनुष्य से पहले: T से ‬Tylosaurus](https://duibaat.com/t-tylosaurus/):   पिछली पोस्ट्स में मैंने आपको छः ऐसे जीवों के विषय में बताया जो कि मनुष्यों से पहले धरती पर पाए जाते थे और वह डायनोसौर नहीं थे। आज मैं जिस जीव के विषय में बताऊँगा वह एक मोसासॉर है। अगर आप मोसासॉरों के विषय में नहीं जानते तो इतना जानना काफी है कि यह जलीय सरिसर्पों (Marine Reptiles) की एक प्रजाति थी हुआ करती थी जो कि आकार में विशालकाय हुआ करती थी।  आज जिस मोसासॉर की बात हम करेंगे उसे टायलोसॉरस कहा जाता है। चलिए पहले उसकी शक्ल देख लीजिए। फिर उसके विषय में कुछ संक्षिप्त जानकारी आपको […] - [मनुष्य से पहले: S से ‬Six Prehistoric animals that were not dinosaurs](https://duibaat.com/before-humans-walked-on-earth-six-prehistoric-animal-that-are-not-dinosaurs/):   इस शृंखला की पोस्ट अगर आप पढ़े तो कई बार उन्हें पढ़ते हुए यह मुगालता भी हो सकता है कि मनुष्यों से पहले धरती पर डायनोसॉरों का ही अस्तित्व था लेकिन असल में ऐसा नहीं था। दूसरे प्रकार के जीव भी उस वक्त रहते थे लेकिन क्या करें डायनोसॉर अपने आकार और अपने रूप के कारण आकर्षण का केंद्र बन जाते हैं। यही कारण है कि बीच-बीच में मैं ऐसे जीवों का जिक्र भी करता हूँ जो कि डायनोसॉर से इतर थे। इस पोस्ट में भी मैं आपको छः ऐसे जीवों के विषय में बताऊँगा जो कि दिखने में […] - [मनुष्य से पहले : R से ‬Rapetosaurus](https://duibaat.com/before-humans-walked-earth-r-for-rapetosaurus/):   पिछली पोस्ट में हमने चीन में अलग-अलग कालखण्ड और अलग अलग जगहों में पाये जाने वाले तीन जीवों के विषय में जाना था। आज इस पोस्ट में हम एक विशालकाय डायनोसौर के विषय में जानेंगे जो कि आज के मैडागास्कर में पाए जाते थे। इन जीवों को रैपेटोसॉरस (Rapetosaurus) कहा जाता था जो कि कुछ इस तरह दिखते रहे होंगे:   रैपेटोसॉरस; स्रोत: विकिपीडिया क्या थे रैपेटोसॉरस (Rapetosaurus)? रैपेटोसॉरस (Rapetosaurus) टाइटनोसॉरियन सॉरोपोड ( titanosaurian sauropod) जाति के जीव थे जो कि आज से 7 से 6.6 करोड़ साल पहले तक मैडागास्कर इलाके में पाए जाते थे। इनकी एक ही प्रजाति रैपेटोसॉरस क्रोसे (Rapetosaurus […] - [मनुष्य से पहले: Q से Qianosuchus और दो अन्य जीव](https://duibaat.com/before-humans-walked-on-earth-q-for-qianosuchus/):   पिछले पोस्ट में हमने उड़ने वाले जीवों के एक वंश के विषय में जाना था। जैसे कि आप अब तक जान ही चुके होंगे कि मैं यह शृंखला ब्लॉगचैटर की ए टू जेड ईवेंट के लिए लिख रहा हूँ। इस ईवेंट में हमें अप्रैल में 26 दिनों तक ऐसी पोस्ट लिखनी है। हर दिन के लिए अंग्रेजी वर्णमाला का एक अक्षर मुकर्रर है और लेखकों को इसका ध्यान रखना है कि उनके शीर्षक में वह अक्षर आए। पिछली पोस्ट P अक्षर से थी और चूँकि P के बाद अंग्रेजी में Q आता है तो इस पोस्ट में हमें ऐसे […] - [मनुष्य से पहले: P से Pteranodon](https://duibaat.com/before-humans-walked-earth-p-for-petranodon/):   इस शृंखला की पिछली पोस्ट में हमने समुद्रतल में पाये जाने वाले एक जीव के विषय में जाना। इस लेख  में हम लोग ऐसे जीवों के विषय में जानेंगे जो हवा में विचरण करते थे। यह जीव टिरैनोडॉन (Pteranodon) कहलाते थे।  क्या होते थे टिरैनोडॉन (Pteranodon)? टिरैनोडॉन (Pteranodon) उड़ने वाले सरीसर्पों टेरोसोर (pterosaur) का एक वंश हुआ करते थे। टिरैनोडॉन (Pteranodon) ग्रीक भाषा के दो शब्दों टेरोन (pteron) और ऐनोडोन (anodon) से बना है जिसमें का टेरोन (pteron) अर्थ पंख होता है और ऐनोडोन (anodon) का अर्थ बिना दाँत वाला होता है।  इस वंश में उड़ने वाले सरीसर्पों (reptiles) में पाये […] - [मनुष्य से पहले: O से Opabinia](https://duibaat.com/before-humans-walked-earth-o-se-opabinia/):   इस शृंखला में मैंने अभी तक जितने जीवों के विषय में बताया है उनमें से ज्यादातर मेरा फोकस उन जीवों पर रहा है जो कि विशालकाय होते थे। यह इसलिए भी रहा है क्योंकि विशालकाय जीव रोमांचक होते हैं और एक तरह की उत्सुकता रहती है उन्हें लेकर। लेकिन आज मैं एक ऐसे जीव के विषय में बताना जा रहा हूँ जो विशालकाय न होकर बहुत ही छोटा सा था। ऐसा इसलिए भी क्योंकि हमें ये पता होना चाहिए कि धरती में मनुष्यों से पहले जितने जीव थे वो विशालकाय ही नहीं बल्कि आम आकार के भी होते थे। […] - [मनुष्य से पहले: N से Nothosaurus](https://duibaat.com/before-humans-walked-on-earth-n-for-nothosaurus/): पिछले पोस्ट में हमने समुद्र में पाये जाने वाले एक विशालकाय जीव के विषय में जाना था। इस पोस्ट में भी हम लोग एक ऐसे ही जीव के विषय में जानेंगे जो कि वैसे तो धरती में रहता था लेकिन खाने पीने समुद्र में आया करता था। लेकिन उस जीव के विषय में जानने से पहले चलिए उसके दर्शन कर लेते हैं।  नोथोसौरस , स्रोत: डायनोसौर वर्ल्ड तो ऊपर जिस महाशय को आप देख रहे हैं यह हैं महाशय नोथोसौरस जी।  पानी में जिस तरह से कलाबाजी खाते हुए दिख रहे हैं उससे इतना अंदाजा तो आप लगा ही पा […] - [मनुष्य से पहले: M से Megalodon](https://duibaat.com/before-humans-walked-on-earth-m-for-megalodon/):   पिछली पोस्ट में मैंने आपको बताया था कि इस शृंखला में अब कुछ दिनों तक मैं  ऐसे जीवों पर ध्यान केंद्रित करूँगा जो कि जल में रहा करते थे। यह तो हम जानते ही हैं कि जल में जीव पहले पैदा हुए लेकिन यह भी एक तथ्य है कि समुद्र की गहराई का जल धरती में पाये जाने वाले विशालकाय जीवों का घर रहा है। कुछ तो आज भी उधर निवास करते हैं।   तो आज के जीव के विषय में जानने से पहले यह जानते हैं कि क्यों समुद्र की गहराई में जमीन से ज्यादा विशालकाय जीव पाये […] - [मनुष्य से पहले: L से Liopleurodon](https://duibaat.com/before-humans-walked-earth-l-for-liopleurodon/):   कहा जाता है धरती पर 71 प्रतिशत पानी है।  ऐसा भी माना जाता रहा है कि 4 से 2.5 अरब साल पहले तक धरती पूरी तरह जलमग्न थी। और इसी कारण धरती पर ज़िंदगी की शुरुआती वर्षों में जीव पहले पानी में आए और बाद मे जमीन पर उन्होंने अपने पैर जमाए। अब हालत ये हो चुकी है आज के वक्त में धरती पर पाये जाने वाले 80  प्रतिशत से ज्यादा जीव जमीन पर पाये जाते हैं और बाकी पानी में पाये जाते हैं।  लेकिन चूँकि हम मनुष्य से पहले की धरती के विषय में जान रहे हैं तो उस वक्त […] - [मनुष्य से पहले: J से Jelly Fish](https://duibaat.com/before-humans-walked-on-earth-j-for-jellyfish/):   पिछली पोस्ट में हमने कीटों के विषय में पढ़ा। जैसा कि आप जानते ही होंगे कि पोस्ट्स की यह शृंखला ब्लॉगचैटर के ईवेंट ब्लॉगचैटर A2Z-2022 का हिस्सा तो इसमें अक्षरों का भी ध्यान रखना पड़ता है। आज का अक्षर है ‘J’ तो सोचा क्यों न जेलीफिश के बारे में बात की जाए।  जेलीफिश क्या होती है? जेली फिश स्रोत: पिक्साबे  अक्सर जेलीफिश समुद्र में तैरने वाले जीवों को कहा जाता है जिनका एक सिरा छतरी नुमा घंटी (umbrella shaped bell) जैसा होता है और उस हिस्से से कई तन्तु (tentacles) निकले हुए होते हैं। जहाँ घंटी नुमा शरीर इन्हें […] - [मनुष्य से पहले: I से Insects](https://duibaat.com/before-humans-walked-on-earth/): पिछली पोस्ट में हमने बहुकोशकीय जीवों के विषय में पढ़ते हुए यह जाना कि पहले बहुकोशकीय जीव कब धरती पर आए। आज की पोस्ट में हम कीटों यानि इन्सेक्ट्स की बात करेंगे। आपको यह टॉपिक अजीब लग रहा होगा लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा माना जाता है कि अगर संख्या की हिसाब से देखा जाए तो धरती पर पाए जाने वाले सजीव जीवों में से 90 प्रतिशत जीव कीट या इन्सेक्ट्स ही होते हैं। यानि बाकी के जीव केवल 10 प्रतिशत का हिस्सा ही बनाते हैं। अब तक कीटों की दस लाख प्रजातियों के विषय में पता लगाया […] - [मार्च 2022 में संग्रह में जुड़ी किताबें](https://duibaat.com/march-book-haul-2022/): मार्च 2022 में छः पुस्तकें मेरे संग्रह में जुड़ी। इन छः पुस्तकों में दो उपन्यास, एक यात्रा वृत्तान्त, एक कहानी संग्रह, एक भोजपुरी लेख संग्रह, और एक लघु-कथा संग्रह शामिल था।  हुआ ये कि साहित्य विमर्श प्रकाशन द्वारा दिसंबर में एक घोषणा की गई थी कि वह वार्षिक सदस्यता आरंभ कर रहे हैं जिसके अंतर्गत एक बार सदस्यता राशि, जो कि उस वक्त पचास प्रतिशत के डिस्काउंट पर 1499 में मिल रही थी, जमा करने पर सदस्यों को वर्ष 2022 में प्रकाशन द्वारा प्रकाशित सभी पुस्तकें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के भेजी जाएँगी। मैं वैसे तो साहित्य विमर्श प्रकाशन से […] - [मनुष्य से पहले: H से History of Multicellular Organisms](https://duibaat.com/before-humans-h-for-history-of-multicellular-organisms/):   पिछली पोस्ट मनुष्य से पहले: E से Eukaryote में हमने जाना कि था जो ज्यादातर बहुकोशकीय जीव हैं वह यूकैरियोटिक कोशिकाओं से ही निकले थे। आज सोचा बहुकोशकीय जीवों के विषय में एक संक्षिप्त लेख लिखा जाए जो बहुत कोशकीय जीवों के इतिहास से आपका परिचय कराए।   क्या होते हैं बहुत कोशकीय जीव? वह जीव जो कि कई कोशिकाओं से बने हुए होते हैं बहुकोशकीय जीव कहलाते हैं। जानवरों, एम्ब्र्योफाइट (land plants) की सभी प्रजातियाँ और कवकों (Fungi) की ज्यादातर प्रजातियाँ बहुकोशकीय होती हैं। शैवाल की कई प्रजातियाँ भी बहुकोशकीय होती हैं।  कब आये बहुकोशकीय जीव?  ऐसा माना जाता है […] - [मनुष्य से पहले: G से Giants](https://duibaat.com/before-humans-g-for-giants/):   पिछली पोस्ट में हमने फॉसिल यानी जीवाश्म की बात की है। इन जीवाश्मों के माध्यम से हमने ऐसे कई जानवरों  के विषय में पता लगाया है जिनका अस्तित्व कभी हुआ करता था। इन जीवों में बहुत छोटे जीव भी मौजूद थे और ऐसे जीव भी मौजूद थे जो कि बहुत विशालकाय थे। इतने विशालकाय की अगर वह जीव आज जीवित होते तो यकीन जानिए मनुष्यों के खौफ का पर्याय बन चुके होते।  आज इस पोस्ट के माध्यम से इन्हीं में से कुछ जीवों के विषय में जानते हैं: अर्जेन्टीनोंसौरस (Argentinosaurus) अर्जेन्टीनोंसौरस, स्रोत: विकिपीडिया अर्जेंटीनोसौरस सबसे बड़े थलजीवों में से […] - [मनुष्य से पहले: F से Fossil](https://duibaat.com/beofre-humans-walked-on-earth-f-for-fossil/):   पिछली पोस्ट में हमने यूकैरियोटिक कोशिका की बात की थी और यह बताया था कि कैसे यह कोशिका एक तरह से धरती पर मौजूद सभी बहुकोशकीय जीवों का पूर्वज कहला सकते हैं। जब हम मनुष्य से पहले मौजूद चीजों की बात करते हैं तो एक विचार मन में आये बिना नहीं रह सकता है कि जब मनुष्य उस वक्त मौजूद नहीं था तो वह अपनी उत्पत्ति से पहले धरती पर पैदा होने वाले और विचरण करने वाले जीवों के विषय में कैसे जान सकता है?  क्या उसके पास कोई जादुई शीशा है जिसमें झाँककर वह गुजरे जमाने की बातें […] - [मनुष्य से पहले: E से Eukaryote](https://duibaat.com/manushya-se-pahle-4-eukaryote/):   पिछली पोस्ट में कोशिकाओं की बात की और लेख के अंत में बताया कि था कि पहले बहुकोशिकीय जीव 0.9 अरब साल पहले आए थे।   कोशिका वैसे दो प्रकार के होती हैं। एक तो प्रोकैरियोटिक कोशिका और दूसरी यूकैरियोटिक कोशिका। प्रोकैरियोटिक कोशिका और दूसरे यूकैरियोटिक कोशिका में फर्क यही होता है कि जहाँ यूकैरियोटिक कोशिका में केन्द्रक (न्यूकलियस) होता है वहीं प्रोकैरियोटिक कोशिका में यह चीज मौजूद नहीं रहती है। सभी बहुकोशकीय जीवों में मौजूद कोशिका यूकैरियोटिक कोशिका ही होती हैं। प्रोकैरियोटिक कोशिका से बने जीव  प्रोकेरियोट कहलाते हैं और यूकैरियोटिक कोशिका से बने जीव युकेरियोट कहलाते हैं।  धरती पर पहला एक कोशकीय […] - [मनुष्य से पहले: C से Cell](https://duibaat.com/before-humans-3-cell/):   पिछली पोस्ट में हमने अबायोजेन्सिस की बात की। इस पोस्ट में हम एक कदम आगे बढ़ेंगे। अगर हम जीवित चीजों को देखते हैं तो पाते हैं कि हर जीवित चीज कोशिका (cell) से बनी हुई है। जीव या तो एक कोशिकीय (single celled) होते हैं या बहुकोशकीय  (multicellular )होते हैं। बहुकोशिकीय जीव कई तरह के कोशिकाओं से बनते हैं। यानि धरती पर आए जीवन की बात करें तो कोशिका का उत्पन्न होना जीवन के उत्तपन होने के अगली इकाई है।  कोशिका (Cell) लेकिन पहला सेल कब धरती पर आया यह ऐसा प्रश्न है जिसका उत्तर किसी के पास नहीं […] - [मनुष्य से पहले: B से aBiogenesis](https://duibaat.com/before-humans-2-b-for-abiogenesis/):   अबायोजेनिसिस (Abiogenesis) पिछली पोस्ट में हमने बात की थी कि धरती पर जीवन कैसे आया इसके पीछे एक थ्योरी ये है कि पहला सूक्ष्म जीव कई अणुओं के आपस में घुलने मिलने से बने। यह घुलना मिलना काफी लाखों साल तक चला जिसके बाद यह हो सका। इस थ्योरी को अबायोजेनिसिस (Abiogenesis) कहा जाता है। यानि कि निर्जीव वस्तुओं से सजीव वस्तुओं का उत्पन्न होना। सुनने में यह बात अजीब लगती है लेकिन कई सालों पहले तक ये माना भी जाता रहा था कि कुछ जीव जीवित चीजों से बनते हैं और कुछ जीव निर्जीव चीजों से बनाए जाते […] - [मनुष्य से पहले #1: A से आरंभ](https://duibaat.com/before-there-were-humans-on-earth-1/):   धरती को अपनी धुरी पर घूमते हुए 4.5 अरब साल हो चुके हैं। आज की धरती हम देखते हैं तो पाते हैं कि इस पर हम मनुष्यों ने अपना एक छत्र राज्य स्थापित कर लिया है। आज की धरती को हम देखते हैं तो ये यकीन करना मुश्किल होता है कि 4.5 अरब पुरानी इस धरती पर मनुष्य के पूर्वज केवल सत्तर लाख साल पहले से पचास लाख साल पहले  के बीच कभी आये थे। यानि धरती के बनने के बाद के 4.45 अरब सालों के करीब तक धरती में आज के इस राजा का कोई नामोनिशान नहीं था। […] ## Pages - [इशिता की सूझबूझ](https://duibaat.com/ishita-ki-soojhboojh/): ‘इशिता की सूझबूझ’ मेरे द्वारा लिखी बाल कथा है। यह बाल कथा 8 से 10 वर्ष की उम्र के बच्चों को ध्यान रखकर लिखी गयी है। इसी कारण इस पैंतीस पृष्ठ की बाल कथा को छोटे छोटे आठ अध्यायों में विभाजित किया गया है ताकि आसानी से छोटे छोटे टुकड़ों में वह इसे पढ़ सकें। पुस्तक में 7 रंगीन चित्र भी मौजूद है। यह बाल कथा साहित्य विमर्श प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है। पुस्तक विवरण: इशिता के दो ही शौक थे। घूमना और पढ़ना। आज वो बहुत खुश थी क्योंकि आज उसे अपने दोनों ही शौक पूरा करने का […] - [2026 में पढ़ी गयी रचनाएँ](https://duibaat.com/2026-reads/): वर्ष 2026 में निम्न रचनाएँ पढ़ीं गयीं। पिछले साल पढ़ने और उसके विषय में बताने में इतना फोकस नहीं था। बाद बाद में तो एंट्री डालनी भी बंद कर दी थी। इस बार सोचा है कि पढ़ने का दबाव तो नहीं रखना है लेकिन जो पढ़ा है उसे यहाँ दर्ज कर दूँगा। जनवरी फरवरी मार्च Scream and Scream Again जादू की घड़ी – ममता कालिया | अंबाउंड स्क्रिप्ट फुटबॉल मैच – संतोष नारायण नौटियाल अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितम्बर अक्टूबर नवम्बर दिसम्बर - [2025 में पढ़ी गयी रचनाएँ](https://duibaat.com/2025-reads/): वर्ष 2025 में निम्न रचनाएँ पढ़ीं गयीं। इस साल का पढ़ना अन्य सालों से अलग होगा। इस साल मैं अपने ऊपर जो पढ़ूँगा उनके विषय में लिखने का दबाव नहीं रखूँगा। मन करेगा तो लिखूँगा और नहीं मन करेगा तो उनके बारे में नहीं लिखूँगा। जिनके बारे में लिखूँगा उनके लिंक यहाँ जोड़ दूँगा। किताब पर क्लिक करके आप मेरी राय को पढ़ सकेंगे। जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्टूबर नवंबर दिसंबर - [बाल कथा सागर 2](https://duibaat.com/baal-katha-sagar-2/) - [उफ्फ़... डर का मंजर](https://duibaat.com/uff-dar-ka-manzar/): उफ्फ़… डर का मंज़र मेरा दूसरा साझा संकलन है। संग्रह में मेरी कहानी ‘डेडलाइन’ को भी स्थान दिया गया है जिसके लिए मैं शोपीजन और संपादक मन मोहन भाटिया का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ। पुस्तक के विषय में उफ्फ़ डर का मंजर मन मोहन भाटिया द्वारा संपादित 15 कहानियों का संग्रह है जो कि शोपीजेन द्वारा प्रकाशित किया गया है। इस संग्रह में बारह लेखकों की निम्न कहानियों को संकलित किया गया है: पुस्तक लिंक: अमेज़न | शोपीजन पुस्तक के विषय में अधिक जानकारी आप निम्न लिंक पर जाकर प्राप्त कर सकते हैं: किताब परिचय: उफ्फ़… डर का मंज़र - [हॉरर स्टोरीस](https://duibaat.com/horror-stories/) - [BlogchatterA2Z2024](https://duibaat.com/blogchattera2z2024/): 2022 में मैंने Blogchatter A2Z में भाग लिया था और इस वर्ष यानी 2024 में भी मैं इसमें हिस्सा लेने का फैसला किया है। BlogchatterA2Z 2023 का थीम कॉमिक बुक मेरी ज़िंदगी का एक जरूरी हिस्सा रहा है। बचपन हो या अभी का वक्त ऐसा कोई माह नहीं जाता है जब मैं कोई न कोई कॉमिक बुक नहीं पढ़ता हूँ। यही कारण है कि इस वर्ष के Blogchatter A2Z की मेरी थीम है भारतीय कॉमिक बुक की दुनिया। इस थीम के अंतर्गत मैं हिंदी और हिंदी से इतर अन्य भारतीय कॉमिक बुक्स के ऊपर 26 पोस्ट्स बनाऊँगा। इन पोस्ट्स में […] - [एक शाम तथा अन्य रचनाएँ](https://duibaat.com/ek-shaam-tatha-any-rachnayein/): ‘एक शाम तथा अन्य रचनाएँ’ मेरा पहला रचना संग्रह है। इस संग्रह में मेरी कुल 28 रचनाएँ संकलित हैं। इन रचनाओं में उन्नीस लघु-कथाएँ (500-1000 शब्दों की) हैं और नौ कविताएँ हैं। इन रचनाओं को पहले मैंने इन्टरनेट में इधर उधर डाला था लेकिन फिर बाद में एकत्रित करके एक पुस्तक के रूप में किंडल में प्रकाशित कर दिया। यह रचनाएँ निम्न हैं: लघु-कथाएँ कविताएँ रचना संग्रह किंडल पर खरीदा जा सकता है। अगर आपके पास किंडल अनलिमिटेड का सबस्क्रिपशन है तो आप इसे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क दिये भी पढ़ सकते हैं:किंडल © विकास नैनवाल ‘अंजान’ - [नेवर गो बैक - ली चाइल्ड | अनुवाद: विकास नैनवाल](https://duibaat.com/never-go-back-lee-child-hindi-translation/): पुस्तक के विषय में नेवर गो बैक (Never Go Back) लेखक ली चाइल्ड (Lee Child) के इसी नाम के उपन्यास का हिंदी अनुवाद है। यह जैक रीचर शृंखला (Jack Reacher Series) का 18वाँ उपन्यास है जो पहली बार 2013 में प्रकाशित हुआ था। इस उपन्यास की कहानी पर वर्ष 2016 में एक फिल्म का निर्माण हुआ था जिसमें टॉम क्रूज (Tom Cruise) ने रीचर का किरदार का निभाया था।  कहानी एक मुश्किल सफर के बाद पूर्व मिलिट्री कॉप जैक रीचर वर्जीनिया पहुँचता है । उसकी मंजिल थी 110वीं मिलिट्री पुलिस जो उसकी पुरानी यूनिट का हेडक्वार्टर था और उसे अपने […] - [2024 Reads](https://duibaat.com/2024-reads/): पिछले वर्षों में पढ़ी गयी किताबें (Books that i read in last few years)2015 | 2016 | 2017 | 2018 | 2019 | 2020 | 2021 | 2022 | 2023 वर्ष 2024 में पढ़ी गयी किताबों की सूची निम्न है। किताब के विषय में मेरे विचार आप किताब के शीर्षक पर क्लिक करके जान सकते हैं। वहीं किताब के बगल में मौजूद लिंक्स पर जाकर किताब खरीद सकते हैं। (I have made below the list of books that i have read in 2024. You can read my views about the book by clicking on the name of the book.I have […] - [परिचय: योगेश मित्तल](https://duibaat.com/yogesh-mittal/): 25 मार्च 1957 को दिल्ली के चांदनी चौक के पत्थरवालान में  जन्मा, बचपन के कुछ वर्ष सिविल लाइन्स, शाहदरा में व्यतीत हुए! आरम्भिक गुरु मेरी मम्मी उर्मिला देवी रहीं! हिन्दी, अंग्रेजी अक्षर ज्ञान, गिनती और बीस तक पहाड़े माता जी ने ही सिखाये! अत: शुरुआती कक्षाओं में अपनी उम्र से कई साल बड़े लड़कों से भी पढ़ाई में बहुत आगे रहा!  शाहदरा के बाद कुछ वर्ष चुरू, राजस्थान में गुजारे! उसके बाद 1963 से 1968 तक कलकत्ता में रहा!  कलकत्ता में पहले स्वदेश शिक्षायतन, नामक प्राइमरी स्कूल में पढ़ा! फिर 1964 में अपर चितपुर रोड पर मदन चटर्जी लेन के […] - [चाल पे चाल - जेम्स हेडली चेज | Doll's Bad News | अनुवाद: विकास नैनवाल](https://duibaat.com/chaal-pe-chaal-james-hadely-chase/): पुस्तक के विषय में ‘चाल पे चाल’ जेम्स हैडली चेज द्वारा लिखे गए  उपन्यास ‘द डॉल्स बैड न्यूज’ का हिंदी अनुवाद है। यह उनकी डेविड फेनर शृंखला का दूसरा उपन्यास है। इसका अनुवाद विकास नैनवाल द्वारा किया गया है। कहानी छः माह से खाली बैठे प्राइवेट डिटेक्टिव डेविड फेनर को जब उस खूबसूरत युवती के आने की खबर मिली तो उसे लगा था कि शायद अब उसे कोई केस मिलेगा। वह कहाँ जानता था कि वह औरत अपने साथ मुसीबतों और रहस्यों का ऐसा झंझावात लेकर आएगी कि उसका अपनी जान बचाना दूभर हो जाएगा।  अब हर चाल पे उसे ऐसी […] - [मेरी किताबें](https://duibaat.com/my-books/): बाल साहित्य इशिता की सूझबूझ रचना संग्रह एक शाम तथा अन्य रचनाएँ अनुवाद नेवर गो बैक चाल पे चाल साझा संकलन हॉरर स्टोरीज़ बाल कथा सागर 2 उफ्फ़ डर का मंजर - [परिचय](https://duibaat.com/about/): किस बात की है जल्दी,तू ठहर जरा,बैठ चाय पीते हैं,दो बाते करते हैं। विकास नैनवाल ‘अंजान’ अपने विषय में बात करना बेहद अजीब होता। मैं कौन हूँ? एक इंसान जो हर दिन अपने को सुधारने की कोशिश करता रहता है। मेरे अन्दर कई पूर्वाग्रह हैं जिनसे निजाद पाने की कोशिश करता रहता हूँ। कई कमियाँ हैं जिन्हें दूर करने की कोशिश करता रहता हूँ। नाम विकास नैनवाल है। मूलतः पौड़ी गढ़वाल से हूँ। और आजकल गुडगाँव में रैनबसेरा है। पेशे से एक सॉफ्टवेर इंजिनियर और फ्रीलांस अनुवादक/संपादक/प्रूफरीडर हूँ। कुछ लिखते रहने की भी चाह है। घूमना,पढ़ना पसंद है। आजकल जिधर […] - [Contact](https://duibaat.com/contact/): This is a page with some basic contact information, such as an address and phone number. You might also try a plugin to add a contact form. - [Blog](https://duibaat.com/blog/) - [मुख्य पृष्ठ](https://duibaat.com/): दुई बात अंतर्जाल में मौजूद मेरा अपना कोना है। मेरे इस छोटे से कोने में आपका स्वागत है। उम्मीद है आपको यहाँ आकर अच्छा लगेगा। -विकास नैनवाल ‘अंजान’ - [Sample Page](https://duibaat.com/sample-page/): This is an example page. It’s different from a blog post because it will stay in one place and will show up in your site navigation (in most themes). Most people start with an About page that introduces them to potential site visitors. It might say something like this: Hi there! I’m a bike messenger by day, aspiring actor by night, and this is my website. I live in Los Angeles, have a great dog named Jack, and I like piña coladas. (And gettin’ caught in the rain.) …or something like this: The XYZ Doohickey Company was founded in 1971, […] [comment]: # (Generated by Hostinger Tools Plugin)