फोटो निबन्ध: घुमक्कड़ी की यारी, मेरी यह सवारी
राकेश शर्मा राकेश शर्मा घुमक्कड़ हैं और इस घुमक्कड़ी में उनकी साथिन उनकी मोटर बाइक रहती हैं। न जाने कितने किलोमीटर का उनका यह साथ रहा है। मुझे भी यदा …
फोटो निबन्ध: घुमक्कड़ी की यारी, मेरी यह सवारी Read Moreकिस बात की जल्दी है तू ठहर जरा, बैठ चाय पीते हैं दो बातें करते हैं
राकेश शर्मा राकेश शर्मा घुमक्कड़ हैं और इस घुमक्कड़ी में उनकी साथिन उनकी मोटर बाइक रहती हैं। न जाने कितने किलोमीटर का उनका यह साथ रहा है। मुझे भी यदा …
फोटो निबन्ध: घुमक्कड़ी की यारी, मेरी यह सवारी Read Moreसुजाता देवराड़ी सुजता देवराड़ी लेखिका और गायिका हैं। उन्होंने हिन्दी और गढ़वाली गीत लिखे हैं। वहीं हिन्दी, गढ़वाली और जौनसारी भाषाओं में गाया है। उनका अपना ब्लॉग भी है जिसमें …
चुपके से एक बूँद बरसी – सुजाता देवराड़ी Read MoreImage by analogicus from Pixabay ज़िन्दगी रेत सी फिसलती चली गयी अजनबी दोस्त होते गए दोस्त अजनबी होते गए कभी दोस्त अजनबी से लगे कभी अजनबी दोस्त से लगे और मैं करता रहा …
अजनबी या दोस्त Read Moreउग आया टहनियों पर आफताब हो जैसे दिखता है वो, एक ख्वाब हो जैसे उग आया टहनियों पर, आफताब हो जैसे आये छत पर, तो हो जाते खुश इस तरह …
उग आया टहनियों पर, आफताब हो जैसे Read MoreImage by Cock-Robin from Pixabay फुदकती थी जो यहाँ वहाँ कभी छत पर कभी आँगन में कभी किसी कमरें में गूँजता था जिसकी चचचाहट से यह घर-द्वार वह घिन्दुड़ी1 चली …
घिन्दुड़ी Read More
क्या आप ब्लॉगर हैं और आपका ब्लॉग गूगल के ब्लॉगर में है? अगर हाँ, तो क्या आप अपने ब्लॉग का बैकअप लेते हैं? अगर आप अपने ब्लॉग का बैकअप नहीं …
क्या आपने अपने ब्लॉग का बैकअप लिया? Read MoreImage by Gerd Altmann from Pixabay हो मुझसे अलग, यह तुम्हारा एक वहम है, करोगे गौर तो पाओगे, फर्क बहुत कम है रंग,भाषा,देश,भेष हो भले ही जुदा-जुदा है खुशी एक …
हो मुझसे अलग, यह तुम्हारा एक वहम है Read MoreImage by A_possitive_guy from Pixabay मेरा अधकचरा पन मुझे बनाता है मैं मेरा बेढंगापन मुझे बनाता है मैं इनके बिना क्या रहूँगा मैं, मैं? मैं हूँ ऊबड़ खाबड़ जैसे …
मेरा अधकचरापन Read More
चार्ल्स डिकेन्स की कहानी द सिग्नल मैन का हिंदी अनुवाद (Hindi translation of Charles Dicken’s The Signal Man) चार्ल्स डिकेन्स ब्रिटेन के सबसे प्रसिद्ध और महानतम लेखकों में से एक …
वो सिग्नल मैन – चार्ल्स डिकेन्स Read More
तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा सुहाना लगे मैं एक शाम चुरा लूँ अगर बुरा न लगे क़ैसर-उल जाफ़री का यह शेर राकेश शर्मा पर एकदम फिट बैठता है। अपनी घुमक्कड़ियों …
फोटो निबन्ध: एक शाम चुरा लूँ अगर बुरा न लगे Read More