साहित्य आजतक 2019 – 1
2 नवम्बर 2019,शनिवार क्या: साहित्य आजतक दूसरा दिन कहाँ: आईजीएनसीए(इंदिरा गाँधी नेशनल सेण्टर ऑफ़ आर्ट्स) कैसे पहुँचे: केन्द्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन से गेट नम्बर से निकल कर किसी से भी …
साहित्य आजतक 2019 – 1 Read Moreकिस बात की जल्दी है तू ठहर जरा, बैठ चाय पीते हैं दो बातें करते हैं
2 नवम्बर 2019,शनिवार क्या: साहित्य आजतक दूसरा दिन कहाँ: आईजीएनसीए(इंदिरा गाँधी नेशनल सेण्टर ऑफ़ आर्ट्स) कैसे पहुँचे: केन्द्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन से गेट नम्बर से निकल कर किसी से भी …
साहित्य आजतक 2019 – 1 Read Moreचलो हरियाणा में चुनाव खत्म हो ही गये। अब नेताओं को बस जोड़ तोड़ करके थोड़ी खरीद फरोख्त करके सरकार बनानी बाकी है। इसी के साथ आम जनता को भी …
नेता,प्रचार,इलेक्शन और ईमानदारी की उम्मीद Read Moreलेखिका के विषय में: कैथरीन मैकलीन एक अमेरिकी विज्ञान गल्प लेखिका थीं जिन्हें १९५० के दशक में लिखी गयी अपनी विज्ञान गल्प कहानियों के लिए जाना जाता है। १९४७ में …
भक्षक – जी ए मोरिस की कहानी कार्निवोर का हिन्दी अनुवाद Read MoreImage by jozuadouglas from Pixabay मैं देखता हूँ, ठहरता हूँ सोचता हूँ फिर चलने लगता हूँ, सोचकर कि मुझे क्या, वो देखता है, वो ठहरता है वो सोचता है फिर …
मैं और वो Read Moreस्रोत : pixabay भात न होता तो न मालूम होता मुझे तृप्ति का अर्थ, भात न होता तो न मालूम होता मुझे संतुष्टि का अर्थ पर क्योंकि भात है तो …
भात के लिए Read MoreImage by Gerd Altmann from Pixabay हम न चाहते हैं सुनना किसी को, बस तैयार बैठे हैं अपनी कुर्सियों पर कमीजों की आस्तीन चढ़ाकर कोहनियों तक सुनाने को फैसला हम …
फैसला Read MoreImage by 1820796 from Pixabay ‘आप इतना कैसे पढ़ लेते हैं?’ और ‘आप उपन्यास कहानियाँ क्यों पढ़ते हैं?’ ये ऐसे प्रश्न है जो मुझसे अक्सर पूछे जाते हैं। ‘आप इतना …
आप इतना कैसे पढ़ लेते हैं? Read Moreयह यात्रा 6 जुलाई 2019 को की गई आम मेरे पसंदीदा फलों में से एक है। एक आम ही ऐसा फल है जिसके आने का मैं इन्तजार साल भर करता …
आम महोत्सव 2019 – दिल्ली हाट जनकपुरी Read MoreImage by Devanath from Pixabay शब्द मेरे शमशीर से हैं, उठते हैं मन की जमीन को चीरकर दर्द देते हैं मुझे फिर बिंधते हैं पढ़ने वालों के मन को ये …
शब्द Read MoreImage by Kerstin Riemer from Pixabay ये उम्मीद न रख मुझसे कि मैं लिखूँगा कोई प्रेम गीत जिसे गाऊँगा मैं सबके सामने अपने उन अहसासों को किसी महफ़िल में दूँगा …
बस तुम्हारे लिए Read More