अजब गजब विज्ञापन
राह चलते चलते आपको अचानक से कभी कभार ऐसा विज्ञापन दिख जाता है जो बरबस ही आपकी नज़र अपनी तरफ आकर्षित कर देता है। ऐसा कुछ मेरे साथ कुछ दिन पहले …
अजब गजब विज्ञापन Read Moreकिस बात की जल्दी है तू ठहर जरा, बैठ चाय पीते हैं दो बातें करते हैं
राह चलते चलते आपको अचानक से कभी कभार ऐसा विज्ञापन दिख जाता है जो बरबस ही आपकी नज़र अपनी तरफ आकर्षित कर देता है। ऐसा कुछ मेरे साथ कुछ दिन पहले …
अजब गजब विज्ञापन Read Moreरविवार, 3 नवम्बर 2019 साहित्य आजतक – रविवार 3 नवम्बर 2019 शनिवार को साहित्य आजतक गया तो था लेकिन मैं ज्यादा सत्रों में शिरकत नहीं कर पाया था। यही कारण …
साहित्य आजतक 2019 – 2 Read MoreImage by Pete Linforth from Pixabay कभी धुंधलके रस्ते से कभी अँधेरे कोनो से कभी किसी झुरमुटे से वह देखता रहता है और करता है इंतजार किसी ज़िंदा इनसान का …
वैम्पायर की प्यास Read More2 नवम्बर 2019,शनिवार क्या: साहित्य आजतक दूसरा दिन कहाँ: आईजीएनसीए(इंदिरा गाँधी नेशनल सेण्टर ऑफ़ आर्ट्स) कैसे पहुँचे: केन्द्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन से गेट नम्बर से निकल कर किसी से भी …
साहित्य आजतक 2019 – 1 Read Moreचलो हरियाणा में चुनाव खत्म हो ही गये। अब नेताओं को बस जोड़ तोड़ करके थोड़ी खरीद फरोख्त करके सरकार बनानी बाकी है। इसी के साथ आम जनता को भी …
नेता,प्रचार,इलेक्शन और ईमानदारी की उम्मीद Read More
लेखिका के विषय में: कैथरीन मैकलीन एक अमेरिकी विज्ञान गल्प लेखिका थीं जिन्हें १९५० के दशक में लिखी गयी अपनी विज्ञान गल्प कहानियों के लिए जाना जाता है। १९४७ में …
भक्षक – जी ए मोरिस की कहानी कार्निवोर का हिन्दी अनुवाद Read MoreImage by jozuadouglas from Pixabay मैं देखता हूँ, ठहरता हूँ सोचता हूँ फिर चलने लगता हूँ, सोचकर कि मुझे क्या, वो देखता है, वो ठहरता है वो सोचता है फिर …
मैं और वो Read Moreस्रोत : pixabay भात न होता तो न मालूम होता मुझे तृप्ति का अर्थ, भात न होता तो न मालूम होता मुझे संतुष्टि का अर्थ पर क्योंकि भात है तो …
भात के लिए Read MoreImage by Gerd Altmann from Pixabay हम न चाहते हैं सुनना किसी को, बस तैयार बैठे हैं अपनी कुर्सियों पर कमीजों की आस्तीन चढ़ाकर कोहनियों तक सुनाने को फैसला हम …
फैसला Read MoreImage by 1820796 from Pixabay ‘आप इतना कैसे पढ़ लेते हैं?’ और ‘आप उपन्यास कहानियाँ क्यों पढ़ते हैं?’ ये ऐसे प्रश्न है जो मुझसे अक्सर पूछे जाते हैं। ‘आप इतना …
आप इतना कैसे पढ़ लेते हैं? Read More