सितंबर 2021 बुक हॉल – 1
सितंबर के महीने की बात करें तो इस महीने काफी किताबें खरीद ली। अगर टोटल किताबों की बात करूँ तो सितंबर में ही 25 के करीब मैंने खरीदी होंगी। इनमें …
सितंबर 2021 बुक हॉल – 1 Read Moreकिस बात की जल्दी है तू ठहर जरा, बैठ चाय पीते हैं दो बातें करते हैं
सितंबर के महीने की बात करें तो इस महीने काफी किताबें खरीद ली। अगर टोटल किताबों की बात करूँ तो सितंबर में ही 25 के करीब मैंने खरीदी होंगी। इनमें …
सितंबर 2021 बुक हॉल – 1 Read MoreImage by Papa Smurf from Pixabay वरिष्ठ लेखक योगेश मित्तल की पहली कविता व कहानी 1964 में कलकत्ता के सन्मार्ग में प्रकाशित हुई थी। तब से लेकर आजतक वह लेखन …
धरती माँ ने पकड़े कान | हिन्दी कविता | योगेश मित्तल Read MoreImage by David Mark from Pixabay अटल पैन्यूली युवा कवि और कथाकार हैं। वह फिलहाल बी एड की पढ़ाई कर रहे हैं। दुई बात में आज पढ़िए अटल पैन्यूली की …
मैं हिमालय बोल रहा हूँ | हिन्दी कविता | अटल पैन्यूली Read MoreImage by Dariusz Sankowski from Pixabay प्रेम कभी किया था तुमने मुझसे? या मैंने ही तुमसे ? या फिर था प्रेम तुम्हें मेरे होने के ख्याल से और मुझे तुम्हारे होने के ख्याल …
प्रेम? | हिन्दी कविता Read MoreImage by Amol Sharma from Pixabay नोट: मुझे बुढ़िया के बाल हमेशा से ही पसंद रहे हैं। बचपन में भी यह पसंद आते थे और आज भी बहुत पसंद आते हैं। मुझे याद है …
बुढ़िया के बाल | हिन्दी कविता | बाल कविता Read Moreसुजाता देवराड़ी सुजता देवराड़ी लेखिका और गायिका हैं। उन्होंने हिन्दी और गढ़वाली गीत लिखे हैं। वहीं हिन्दी, गढ़वाली और जौनसारी भाषाओं में गाया है। उनका अपना ब्लॉग भी है जिसमें …
चुपके से एक बूँद बरसी – सुजाता देवराड़ी Read MoreImage by analogicus from Pixabay ज़िन्दगी रेत सी फिसलती चली गयी अजनबी दोस्त होते गए दोस्त अजनबी होते गए कभी दोस्त अजनबी से लगे कभी अजनबी दोस्त से लगे और मैं करता रहा …
अजनबी या दोस्त Read Moreउग आया टहनियों पर आफताब हो जैसे दिखता है वो, एक ख्वाब हो जैसे उग आया टहनियों पर, आफताब हो जैसे आये छत पर, तो हो जाते खुश इस तरह …
उग आया टहनियों पर, आफताब हो जैसे Read MoreImage by Cock-Robin from Pixabay फुदकती थी जो यहाँ वहाँ कभी छत पर कभी आँगन में कभी किसी कमरें में गूँजता था जिसकी चचचाहट से यह घर-द्वार वह घिन्दुड़ी1 चली …
घिन्दुड़ी Read MoreImage by Gerd Altmann from Pixabay हो मुझसे अलग, यह तुम्हारा एक वहम है, करोगे गौर तो पाओगे, फर्क बहुत कम है रंग,भाषा,देश,भेष हो भले ही जुदा-जुदा है खुशी एक …
हो मुझसे अलग, यह तुम्हारा एक वहम है Read More