संस्मरण पौड़ी के #1: शक्तिमान – एक किंवदन्ती
खेतों में पतंग कटकर आने का इन्तजार करते बच्चे। फोटो 17 जून 2021 को खींची गई यह पतंग का मौसम है और शाम को पतंग बाजी खूब हो रही है। …
संस्मरण पौड़ी के #1: शक्तिमान – एक किंवदन्ती Read Moreकिस बात की जल्दी है तू ठहर जरा, बैठ चाय पीते हैं दो बातें करते हैं
खेतों में पतंग कटकर आने का इन्तजार करते बच्चे। फोटो 17 जून 2021 को खींची गई यह पतंग का मौसम है और शाम को पतंग बाजी खूब हो रही है। …
संस्मरण पौड़ी के #1: शक्तिमान – एक किंवदन्ती Read MoreImage by Papa Smurf from Pixabay वरिष्ठ लेखक योगेश मित्तल की पहली कविता व कहानी 1964 में कलकत्ता के सन्मार्ग में प्रकाशित हुई थी। तब से लेकर आजतक वह लेखन …
धरती माँ ने पकड़े कान | हिन्दी कविता | योगेश मित्तल Read Moreपिछले काफी समय से मैं किताबें नहीं मँगवा रहा था। इस बार भी किताबें मँगवाने का कोई इरादा नहीं था लेकिन फिर कुछ ऐसा मौका लग गया कि इस माह …
बुक हॉल: मई 2021 Read More
प्रकृति ने अपनी झोली से इतनी सुंदर चीजें बिखेरी हैं कि उन्हें देख कर मन प्रफुल्लित हो जाता है। ये रंग बिरंगे फूल, ये हरे भरे पहाड़, ये नदियाँ, और …
फोटो-निबन्ध- आ चल के तुझे, मैं ले के चलूँ: राकेश शर्मा के साथ, देखें ये जल प्रपात Read MoreImage by Peggy und Marco Lachmann-Anke from Pixabay छत्तीसगढ़ के ब्रजेश शर्मा लेखक हैं। वह अजिंक्य शर्मा के नाम से अपराध और हॉरर साहित्य लिखते हैं। उनके उपन्यास किंडल पर …
सज्जन और सजन – ब्रजेश शर्मा Read More
‘द आईज हेव इट’ विज्ञान गल्प लेखक फिलिप के डिक की लिखी एक लघु-कथा है। यह लघु-कथा सर्व प्रथम साइंस फिक्शन स्टोरीज नामक पत्रिका में 1953 में प्रकाशित हुई थी। …
वो आँखें : फिलिप के डिक की कहानी The eyes have it का हिन्दी अनुवाद Read MoreImage by David Mark from Pixabay अटल पैन्यूली युवा कवि और कथाकार हैं। वह फिलहाल बी एड की पढ़ाई कर रहे हैं। दुई बात में आज पढ़िए अटल पैन्यूली की …
मैं हिमालय बोल रहा हूँ | हिन्दी कविता | अटल पैन्यूली Read MoreImage by Dariusz Sankowski from Pixabay प्रेम कभी किया था तुमने मुझसे? या मैंने ही तुमसे ? या फिर था प्रेम तुम्हें मेरे होने के ख्याल से और मुझे तुम्हारे होने के ख्याल …
प्रेम? | हिन्दी कविता Read MoreImage by Amol Sharma from Pixabay नोट: मुझे बुढ़िया के बाल हमेशा से ही पसंद रहे हैं। बचपन में भी यह पसंद आते थे और आज भी बहुत पसंद आते हैं। मुझे याद है …
बुढ़िया के बाल | हिन्दी कविता | बाल कविता Read More
राकेश शर्मा राकेश शर्मा घुमक्कड़ हैं और इस घुमक्कड़ी में उनकी साथिन उनकी मोटर बाइक रहती हैं। न जाने कितने किलोमीटर का उनका यह साथ रहा है। मुझे भी यदा …
फोटो निबन्ध: घुमक्कड़ी की यारी, मेरी यह सवारी Read More