सस्ता साहित्य
“मोटे भाई, ज़िन्दगी से इस तरह निराश नहीं होते,” भैंगा बोला, ‘चोरी, चुगली और चापलूसी का दामन पकड़ लो,ज़िन्दगी आसान हो जाएगी। मगर तुम चोरी के अलावा कुछ नहीं कर …
सस्ता साहित्य Read Moreकिस बात की जल्दी है तू ठहर जरा, बैठ चाय पीते हैं दो बातें करते हैं
“मोटे भाई, ज़िन्दगी से इस तरह निराश नहीं होते,” भैंगा बोला, ‘चोरी, चुगली और चापलूसी का दामन पकड़ लो,ज़िन्दगी आसान हो जाएगी। मगर तुम चोरी के अलावा कुछ नहीं कर …
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2 दिसम्बर 2018, रविवार किताबी घुमक्कड़ी इस घुमक्कड़ी की आधारशिला की बात करूँ तो वो राजभारती का उपन्यास रंगमहल के प्रेत था। मैंने कुछ दिनों पहले यह उपन्यास पढ़ना खत्म …
दरियागंज संडे मार्किट: एक फक्कड़ घुमक्कड़ बना जब भुक्खड़ घुमक्कड़ Read More
साहित्यिक कृतियाँ सस्ते कागज़ पर छपती तो शायद पाठकों के लिए नहीं तरसती ऐसा मेरा मानना रहा है। हो सकता है मैं गलत हूँ। लेकिन इस पर विचार तो किया …
साहित्य और कीमत Read More
कल मैं ऑटो में बैठा था तो मेरे हाथ में मन्नू भंडारी जी का उपन्यास स्वामी था। मैं उसके अंत के करीब पहुँच चुका था। उपन्यास छियानवे पृष्ठों का था …
चेतन और मैं Read More
हु डन इट का अगर अनुवाद करें तो तो इसका मतलब होगा ‘किसने किया’ और जो काफी हद तक सही भी होगा। हु डन इट जासूसी साहित्य का एक सब …
Whodunit?- a documentary on hindi pulp fiction Read Moreअप्रैल के बाद नवम्बर में ही दिल्ली के संडे मार्किट जाना हुआ है। उस वक्त की कई किताबें अभी पढ़नी बाकी है लेकिन फिर भी उधर जाकर किताबें खरीदने के …
कुछ खरीद फरोख्त: दिल्ली के संडे मार्किट से Read More
जब भी पौड़ी जाता हूँ तो अपने साथ दो तरह की किताबें ले जाता हूँ। एक वो जो पढ़ ली होती है क्योंकि पीजी में हूँ तो जगह की कमी …
चाय और किताबें Read More