मेरा अधकचरापन
Image by A_possitive_guy from Pixabay मेरा अधकचरा पन मुझे बनाता है मैं मेरा बेढंगापन मुझे बनाता है मैं इनके बिना क्या रहूँगा मैं, मैं? मैं हूँ ऊबड़ खाबड़ जैसे …
मेरा अधकचरापन Read Moreकिस बात की जल्दी है तू ठहर जरा, बैठ चाय पीते हैं दो बातें करते हैं
Image by A_possitive_guy from Pixabay मेरा अधकचरा पन मुझे बनाता है मैं मेरा बेढंगापन मुझे बनाता है मैं इनके बिना क्या रहूँगा मैं, मैं? मैं हूँ ऊबड़ खाबड़ जैसे …
मेरा अधकचरापन Read MoreImage by Ke Hugo from Pixabay नोट: यह कविता मेरे जब मेरे जहन में आई थी तो उस वक्त मेरी नींद टूट ही रही थी। सुबह हो चुकी थी और कविता …
जगमग-जगमग जुगनू टिमटिमाते Read More
हाइकु जापानी शैली की लघु कविता है। इसमें 17 वर्ण होते हैं और इसे तीन पंक्तियों में लिखा जाता है। पहली पंक्ति में पाँच वर्ण, दूसरी में सात, और तीसरी में फिर पाँच वर्ण होते हैं।
हाइकु #2 Read More
‘इंतजार’ विकास नैनवाल ‘अंजान’ एक कविता है। यह कविता उत्तरांचल पत्रिका के अक्टूबर 2020 अंक में प्रकाशित हुई थी।
इंतजार Read Moreशब्द निकले मन के कोने से ऐसे चन्द्र बदरी से जैसे कभी दिखे कभी छुपे तड़पाये मुझे कुछ ऐसे नटखट शिशु हो जैसे शब्द निकले मन के कोने से ऐसे …
शब्द निकले/ मन के कोने से ऐसे/ चन्द्र बदरी से जैसे Read Moreहाइकु 1) विरह गीत गुनगुनाती है वो, वर्षा ऋतु में 2) सर्द रात्रि में, है गर्म रजाई सी, माँ तेरी याद 3) एक शाम थी तुम थी, मैं था और थी …
हाइकु #1 Read Moreपौड़ी कोहरे से झाँकती यह धूप दिलाती है याद मुझे तुम्हारी तुम भी तो आई हो जीवन में मेरे कुछ इसी तरह लेकर साथ अपने खुशी, उम्मीद और सुकून ©विकास …
कोहरे से झाँकती धूप Read MoreImage by Gerd Altmann from Pixabay # टैग में खोया @ में फँसा हुआ वो चाहता है बनाना अपना एक संसार फिर जब पाता है अकेला खुद को भीड़ में …
# टैग में खोया, @ में फँसा हुआ Read MoreImage by Holger Schué from ;Pixabay कलम रुक सी गयी है, स्याही सूख गयी है, शायद!! हर्फ उगते से लगते हैं कभी विचारों की टहनियों पर कोंपलों के जैसे फिर …
कोपल Read More
संजना परेशान सी घर के फर्श पर इधर से उधर घूम रही थी। रह रहकर संजना की नजर दरवाजे के तरफ चली जाती और फिर घड़ी की तरफ उठ जाती …
पुनरावृत्ति | लघु-कथा | विकास नैनवाल ‘अंजान’ Read More